कैमूर: अधौरा के सरकारी स्कूलों की बदहाल तस्वीर, अनुपस्थित शिक्षक और बंद विद्यालयों पर फिर उठे सवाल

कैमूर के अधौरा प्रखंड में सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था बेपटरी है। शिक्षकों की अनुपस्थिति और विभागीय लापरवाही से बच्चों का भविष्य अधर में लटका हुआ है।

Kaimur News : कैमूर जिले के अधौरा प्रखंड की सरकारी विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है. शिक्षकों की अनुपस्थिति, समय पर विद्यालय नहीं खुलना और पढ़ाई बाधित होने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं. कई बार विद्यालयों में ताला लटका मिलने और शिक्षकों की अनुपस्थिति के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, लेकिन जांच के बाद भी व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा है. अधिकांश मामलों में कार्रवाई स्पष्टीकरण और नोटिस तक सीमित रहने के आरोप लग रहे हैं.

मंत्री के औचक निरीक्षण में 12 शिक्षक मिले गायब

सोमवार को अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद जमा खां ने प्रखंड मुख्यालय स्थित पीएम श्री राज संपोषित विद्यालय, अधौरा का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान प्रभारी प्रधानाध्यापक सहित 12 शिक्षक बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित पाए गए. मंत्री ने तत्काल विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए. अब लोगों की नजर इस बात पर है कि इस बार कार्रवाई केवल स्पष्टीकरण तक सीमित रहती है या दोषियों पर ठोस कदम उठाए जाते हैं.

प्रखंड मुख्यालय का यह हाल, तो दूरस्थ विद्यालयों की क्या होगी स्थिति

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रखंड मुख्यालय के प्रमुख विद्यालय में इतनी बड़ी लापरवाही सामने आई है, तो पहाड़ी और दूरदराज के गांवों में संचालित विद्यालयों की स्थिति का सहज अनुमान लगाया जा सकता है. ग्रामीणों का आरोप है कि कई विद्यालयों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति आज भी बड़ी चुनौती बनी हुई है.

स्पष्टीकरण तक सीमित कार्रवाई पर उठ रहे सवाल

अधौरा प्रखंड के विद्यालयों का समय-समय पर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किया जाता है. निरीक्षण में कई बार शिक्षक अनुपस्थित पाए जाते हैं, लेकिन अधिकांश मामलों में कार्रवाई नोटिस और स्पष्टीकरण तक ही सीमित रह जाती है. सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब तक लगातार अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों पर वेतन कटौती, विभागीय कार्रवाई या निलंबन जैसे कठोर कदम नहीं उठाए जाएंगे, तब तक व्यवस्था में सुधार संभव नहीं है.

बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा सीधा असर

अधौरा जैसे दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्र में सरकारी विद्यालय ही अधिकांश बच्चों की शिक्षा का मुख्य आधार हैं. ऐसे में शिक्षकों की अनियमित उपस्थिति का सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई और भविष्य पर पड़ रहा है. अभिभावकों का कहना है कि सरकार शिक्षा सुधार पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन यदि शिक्षक नियमित रूप से विद्यालय नहीं पहुंचेंगे तो योजनाओं का लाभ छात्रों तक नहीं पहुंच पाएगा.

ग्रामीणों ने की सख्त कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों और अभिभावकों ने विद्यालयों में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने, औचक निरीक्षण की संख्या बढ़ाने तथा लगातार लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों के खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि केवल कागजी कार्रवाई से शिक्षा व्यवस्था में सुधार संभव नहीं है.

डीईओ बोले- लापरवाही किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं

जिला शिक्षा पदाधिकारी साकेत रंजन ने कहा कि बिना सूचना के विद्यालय से अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों के खिलाफ नियमानुसार सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने बताया कि अधौरा प्रखंड में शिक्षा व्यवस्था में सुधार विभाग की प्राथमिकता है. इसके लिए लगातार औचक निरीक्षण किए जाएंगे और बिना अनुमति अनुपस्थित पाए जाने वाले शिक्षकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.


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By Vikash kumar

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