राहगीरों को शीतल छाया देने वाले पेड़ हुए खाक, प्रशासन की चुप्पी से ग्रामीणों में बढ़ा रोष रामगढ़. सिसौडा–मुखराव पथ पर किशनपुरा महादलित बस्ती के समीप पराली जलाने की वजह से पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचा है. यहां लगी आग की चपेट में आकर लगभग एक दर्जन सागवान के पेड़ बुरी तरह झुलस गये. कभी राहगीरों को शीतल छाया देने वाले ये पेड़ अब सूखे व जले हुए नजर आ रहे हैं. स्थानीय लोगों के अनुसार, पराली में लगी आग तेजी से फैल गयी व सड़क किनारे लगे सागवान के पेड़ों को अपनी चपेट में ले लिया. आग की तेज लपटों के कारण पेड़ों के पत्ते पूरी तरह झुलस गये हैं, वहीं कई पेड़ों की जड़ें भी जल चुकी हैं, जिससे उनके जीवित बचने की संभावना कम हो गयी है. ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है. हर वर्ष पराली जलाने के कारण पेड़-पौधों को नुकसान होता है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है. लगातार हो रही ऐसी घटनाएं पर्यावरण संतुलन के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही हैं. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस मामले में सख्त कार्रवाई करने व पराली जलाने पर रोक लगाने की मांग की है, ताकि भविष्य में पेड़-पौधों व पर्यावरण को होने वाले नुकसान से बचाया जा सके.
पराली की आग से एक दर्जन सागवान के पेड़ झुलसे
राहगीरों को शीतल छाया देने वाले पेड़ हुए खाक, प्रशासन की चुप्पी से ग्रामीणों में बढ़ा रोष
