ऊंची आवाज में बात करनेवाले अस्पताल मैनेजर का वेतन कटा

सख्ती. सीएस ने सदर अस्पताल के निरीक्षण के दौरान की कार्रवाई ज्ञान भारती शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान के 20 फीसदी रुपये की कटौती भभुआ सदर : सिविल सर्जन डाॅ केवीपी सिंह के साथ ऊंची आवाज और असभ्य लहजे में बात करने पर सदर अस्पताल के मैनेजर गिरीश चंद्र झा के आधे महीने के वेतन की कटौती […]

सख्ती. सीएस ने सदर अस्पताल के निरीक्षण के दौरान की कार्रवाई
ज्ञान भारती शिक्षण प्रशिक्षण संस्थान के 20 फीसदी रुपये की कटौती
भभुआ सदर : सिविल सर्जन डाॅ केवीपी सिंह के साथ ऊंची आवाज और असभ्य लहजे में बात करने पर सदर अस्पताल के मैनेजर गिरीश चंद्र झा के आधे महीने के वेतन की कटौती कर दी गयी. अस्पताल मैनेजर को सीएस ने अंतिम चेतावनी जारी कर निर्देश दिया है कि अनुशासनहीनता, असभ्य तरीके से ऊंचे लहजे में बात करने व कार्य संपादन में लापरवाही बरतने के कारणों का 24 घंटे के अंदर स्पष्टीकरण दें, अन्यथा संविदा समाप्ति के लिए डीएम से अनुशंसा की जायेगी. दरअसल, बुधवार की संध्या छह बजे सीएस केवीपी सिंह और जिला कार्यक्रम प्रबंधक डाॅ विवेक कुमार सदर अस्पताल का निरीक्षण करने निकले हुए थे.
सीएस ने निरीक्षण के दौरान पाया कि इमरजेंसी के टांका-पट्टी कक्ष में चारों तरफ गंदगी फैली हुई थी़ वहां उपस्थित कर्मचारी ने पूछताछ में सीएस को बताया कि सुबह से कक्ष की सफाई नहीं की गयी थी. टांका पट्टी के अला वार्ड में भी गंदगी फैली देख सीएस काफी नाराज दिखें. निरीक्षण के दौरान ही प्रसव कक्ष में नल का पानी बह रहा था़ बिजली कटे होने और जेनरेटर की सुविधा होने के बावजूद छह बेडवाले वार्ड में अंधेरा पसरा था़ सीएस के प्रत्येक दिन अस्पताल के राउंड लगाने के दौरान बार-बार निदेशित किये जाने के बावजूद प्रसव कक्ष और ऑपरेशन थियेटर में इन्वर्टर, यूपीएस नहीं लगाया जा सका. बुधवार को निरीक्षण के दौरान ही बिजली कट गयी, तो सदर अस्पताल में चल रहे सर्जिकल ऑपरेशन में लगे डॉक्टरों को काफी परेशानी उठानी पड़ा. इस दौरान जब अस्पताल में व्याप्त कुव्यवस्था और कार्य में बरती जा रही घोर लापरवाही का कारण मैनेजर गिरीश चंद्र झा से पूछा गया, तो वह अधिकारी के सवाल पर उखड़ गये और ऊंची आवाज में बात करते हुए उनके द्वारा अनुशासनहीनता प्रदर्शित की गयी.
इसी बात को लेकर सीएस ने जहां अस्पताल मैनेजर के कार्यकलाप को घोर अनुशासनहीनता मानते हुए उनके दिसंबर माह के आधे वेतन को काटते हुए 24 घंटे के अंदर स्पष्टीकरण का जवाब देने का निर्देश दिया जबकि, अंदरुनी साफ-सफाई की हालत बदतर होने और बार-बार चेतावनी जारी किये जाने के बावजूद आंतरिक सफाई सुदृढ़ नहीं रखने पर पटना की संस्था ज्ञान भारती शिक्षण व प्रशिक्षण संस्थान पर दिसंबर माह के बिल विपत्र में 20 प्रतिशत की राशि की कटौती करने का आदेश दिया. उक्त संस्था को अंतिम चेतावनी दी गयी कि अगर उनके कार्यकलाप में सुधार नहीं हुई, तो उनके एकरारनामे को समाप्त कर दिया जायेगा.

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