सोशल मीडिया लील रही ग्रीटिंग कार्ड्स का बाजार

भभुआ सदर : आज संदेश संप्रेषण के लिए मैसेजिंग, ह्वाट्सऐप्स, फेसबुक, टिवट‍र, मैसेंजर व इ-मेल का खूब इस्तेमाल हो रहा है. दिसंबर शुरू होते ही नये वर्ष की अग्रिम बधाइयों वाले एसएमएस और ह्वाट्सऐप मैसेजों और मेल भेजे जाने लगे हैं. सोशल मीडिया के बढ़ते चलन ने ग्रीटिंग कार्ड के बाजार को ठंडा कर दिया […]

भभुआ सदर : आज संदेश संप्रेषण के लिए मैसेजिंग, ह्वाट्सऐप्स, फेसबुक, टिवट‍र, मैसेंजर व इ-मेल का खूब इस्तेमाल हो रहा है. दिसंबर शुरू होते ही नये वर्ष की अग्रिम बधाइयों वाले एसएमएस और ह्वाट्सऐप मैसेजों और मेल भेजे जाने लगे हैं. सोशल मीडिया के बढ़ते चलन ने ग्रीटिंग कार्ड के बाजार को ठंडा कर दिया है. इस हाइटेक युग में लोग अब कोसों दूर रह रहे संगे-संबंधियों, मित्रों, रिश्तेदारों को मोबाइल व इंटरनेट के माध्यम से कुछ ही पलों में बधाई संदेश और अपनी तसवीर भेज कर दिल की बात कह देते हैं. उनका ध्यान ग्रीटिंग कार्ड की तरफ नहीं जा रहा है.
अतीत के पन्नों में सिमट जायेगा ग्रीटिंग कार्ड! : पिछले कुछ सालों में इंटरनेट और मोबाइल का चलन ऐसा बढ़ा है कि ग्रीटिंग कार्ड का बाजार ही लगभग सिमटने लगा है.
पहले लोग नववर्ष के आगमन से एक महीने पहले से ही अपने प्रियजनों को संदेश भेजने के लिए ग्रीटिंग कार्ड की खरीदारी करने लगते थे और उस पर शुभकामना की प्राप्ति लिख कर अपने प्रियजनों को डाक के माध्यम से भेज देते थे. यही ही नहीं आदान-प्रदान किये गये ग्रीटिंग कार्ड से लोगों का इतना भावनात्मक लगाव रहता था कि कार्ड को लोग लंबे समय तक सहेज कर रखते थे. भले ही मोबाइल की वजह से ग्रीटिंग कार्ड का चलन कम हो गया है, लेकिन अब भी कइयों की अालमारी और किताबों के बीच पुराने ग्रीटिंग कार्ड पड़े होंगे.

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