Kaimur news : 90 किसानों को अनुदान पर मिला मधु उत्पादन उपकरण

जिले में मधु उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए महिला तथा पुरुष मिलाकर कुल 90 किसानों को मधु बक्सा और मधु निष्कासन ड्रम अनुदान पर जिला उद्यान विभाग द्वारा वितरित किया गया.

भभुआ. जिले में मधु उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए महिला तथा पुरुष मिलाकर कुल 90 किसानों को मधु बक्सा और मधु निष्कासन ड्रम अनुदान पर जिला उद्यान विभाग द्वारा वितरित किया गया. किसानों को उपकरण देने के लिए लॉटरी के आधार पर किसानों को चयन उद्योग निदेशालय कृषि विभाग बिहार द्वारा किया गया था. गौरतलब है कि बिहार में मधु उत्पादन योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन व शहद मिशन के तहत बिहार सरकार द्वारा मधुमक्खी पालन योजना शुरू की गयी है. इस योजना के तहत सरकार किसानों को 75 से लेकर 90 प्रतिशत तक अनुदान पर किसानों को मधु बक्सा, मधु निष्कासन ड्रम जिला उद्यान विभाग द्वारा उपलब्ध कराया गया है. इधर, इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला उद्यान पदाधिकारी डाॅ कुमार गौरव ने बताया कि बिहार मधुमक्खी पालन योजना के तहत लाभ पाने के लिए इच्छुक किसानों से पहले ऑनलाइन आवेदन मांगा गया था. लगभग डेढ़ सौ किसानों ने मधु उतपादन के लिए अनुदान पर मधु उत्पादन उपकरणों के लिए ऑनलाइन आवदेन किया था. इसमें से विभाग द्वारा लॉटरी पर चयन करने के बाद जिले के 90 किसानों को मधु उत्पादन उपकरण उपलब्ध कराया गया है. = किसान अधिकतम ले सकते हैं 50 बाक्स इधर मधु उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा मधुमक्खी पालकों को विभिन्न उपकरणों पर 90 से लेकर 75 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है. किसान अनुदान की राशि काटकर ही उपकरणों को शेष मूल्य भुगतान कर रहे हैं. इस संबंध में जिला उद्यान पदाधिकारी ने बताया कि मधु निष्कासन यंत्र का कीमत लगभग पांच हजार रुपये है, जो अनुसूचित जाति के किसानों को 90 प्रतिशत अनुदान पर तथा सामान्य किसान को 75 प्रतिशत अनुदान पर दिया जा रहा है. इसी तरह मधु बक्सा जिसकी लागत एक हजार रुपये है. सामान्य कोटि के किसानों को 75 प्रतिशत अनुदान पर प्रति बक्सा तथा अनुसूचित जाति के किसानों को 90 प्रतिशत अनुदान पर प्रति बक्सा उपलब्ध कराया गया है. प्रति किसान न्यूनतम 10 और अधिकतम 50 बक्सा ले सकते हैं. इन्सेट मधुमक्खी छत्ते को बगैर नष्ट किये ही मधु निकालता है निष्कासन ड्रम भभुआ. सरकार द्वारा मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए किसानों को जो मधु निष्कासन ड्रम उपलब्ध कराया जा रहा है, वह मधुमक्खियों के छत्ते को बगैर नष्ट किये ही मधु को बाहर निकाल लेता है. गौरतलब है कि परंपरा से चले आ रहे मधु निकालने के लिए आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में पेड़ों पर या पुराने मकानों पर मधुमक्खियों द्वारा बनाये गये छत्ते ये मधु निकालने के लिए लोग डंडे के सहारे आग की लपटें या धुआं बनाकर छत्ते के पास घुमाते हैं. इससे मधुमक्खियां भाग जाती हैं. फिर पूरे छत्ते को ही नोच के बाहर निकाल कर शहद निकाला जाता है. लेकिन, विभागीय जानकारी के अनुसार मधु निष्कासन ड्रम एक ऐसा उपकरण है जिसमें एक फ्रेम बास्केट होता है. जिस फ्रेम बास्केट को जब घुमाया जाता है तो शहद छत्ते से बाहर आकर ड्रम के निचले भाग में जमा हो जाता है. इस विधि से मोम के छत्ते फ्रेम के भीतर बरकरार रहते हैं. उसे मधुमक्खियों द्वारा दोबारा इस्तेमाल किया जाता है.

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By Prabhat Khabar News Desk

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