जल संरक्षण के लिए जल्द बनेंगे दस तालाब

पानी के लिए सतर्क हुआ ग्रामीण विकास विभाग भभुआ नगर : जल संरक्षण की आवश्यकता को देखते हुए जहां जिला प्रशासन पुराने जलाशयों के जीर्णोद्धार के लिए प्रयासरत हैं, वहीं कृषि प्रधान कैमूर जिले में जल संरक्षण के लिए नये तालाब बनाये जाने की योजना है. ताकि, आनेवाले दिनों में कृषि कार्य व पेयजल की […]

पानी के लिए सतर्क हुआ ग्रामीण विकास विभाग

भभुआ नगर : जल संरक्षण की आवश्यकता को देखते हुए जहां जिला प्रशासन पुराने जलाशयों के जीर्णोद्धार के लिए प्रयासरत हैं, वहीं कृषि प्रधान कैमूर जिले में जल संरक्षण के लिए नये तालाब बनाये जाने की योजना है.
ताकि, आनेवाले दिनों में कृषि कार्य व पेयजल की ज्वलंत समस्या से जिलेवासियों को परेशानी का सामना ना करना पड़े. बीते वर्षों में जिले के किसानों को सुखाड़ की समस्या से जूझना पड़ा है, जिसका परिणाम यह है कि मेहनत व लागत के अनुरूप पटवन के अभाव में किसानों को पर्याप्त फसल का उत्पादन नहीं मिल पाता. इससे किसानों को आर्थिक स्थिति भी खराब हो रही है. ग्रामीण विकास विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जल संरक्षण को ले जिला प्रशासन ने कवायद शुरू कर दी है.
वर्ष 2016-17 के तहत जिले की चयनित मनरेगा योजनाओं से जल संरक्षण को ले जिले के विभिन्न प्रखंड क्षेत्रों में 450 नये तालाब बनाये जाने की योजना है. पहले चरण में जिले के चार प्रखंड क्षेत्रों में दस तालाब बनाये जाने की सहमति प्रदान की जा चुकी है.
जल संरक्षण पर नहीं है ध्यान
बरसात के पानी के संरक्षण को ले कोई ठोस पहल जिले में नहीं दिखती. यहां तक कि पुराने जलाशय अपना अस्तित्व खोने के कगार पर हैं. नदियां भी सिकुड़ती जा रही हैं. जिले के विभिन्न प्रखंड क्षेत्रों में कई तालाब व पोखरे अतिक्रमण की भेंट चढ़ चुके हैं, जिसका सबसे ज्यादा खामियाजा गरमी के मौसम में भुगतना पड़ता है. बीती गरमी की बात करें, तो वाटर लेबल 40 से 60 फीट नीचे चला गया था. इसके चलते पानी का हाहाकार हो गया था.
इन प्रखंडों में बनेंगे तालाब
भभुआ- पांच
चांद – एक
नुआंव – तीन
रामगढ़- एक

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