भभुआ(शहर) : बिजली विभाग द्वारा बिजली के तार, पोल व ट्रासंफार्मर लगाने का काम निजी कंपनी को दिया जाता है लेकिन, कंपनी के मनमाने रवैये से बिजली आपूर्ती में बाधा उत्पन्न हो रही है. इससे उपभोक्ता परेशान रहते हैं. आये दिन बिजली आपूर्ति संबंधी शिकायत लेकर सैकड़ों की तादाद में उपभोक्ता विभाग में पहुंचते हैं लेकिन, उनकी समस्या का समाधान करने के बजाय विभाग खुद अपने अंतर्द्वंद में फंसा रहता है. इसका सीधा असर उपभोक्ता पर पड़ता है.
गौरतलब है कि बिजली विभाग के द्वारा इसीआइ कंपनी को ट्रांसफार्मर लगाने की जिम्मेवारी दी गयी व कंपनी के द्वारा जिन जगहों के ट्रांसफार्मर जल गये थे वहां के ट्रांसफाॅर्मर को लाकर स्टोर में जमा करने के बाद उक्त जगह पर नये ट्रांसफार्मर लगाने थे लेकिन, जब जले ट्रांसफाॅर्मर भंडार में आये तो देखा गया कि उक्त ट्रांसफार्मर में क्वाइल ही नहीं है.
इस कारण से जिस गांव से ट्रांसफाॅर्मर लाये गये थे उस गांव में नये ट्रांसफार्मर नही लगाये गये अब सवाल यह उठता है कि इसमे उपभोक्ता का क्या दोष है जब ट्रांसफार्मर विभाग के द्वारा ही भेजी गई कंपनी ने ट्रासंफार्मर लाया. लेकिन विभाग के द्वारा बनाये गये चक्रव्यूह में हर हाल में उपभोक्ता को ही फंसना है.
