मोहनिया(शहर) : स्थानीय नगर पंचायत के वार्ड 13 की सड़कें ठीक दिखीं लेकिन, वार्ड के नाले की सफाई से लेकर कचरे का उठाव नहीं होने से लोग परेशान हैं. नाला जाम होने से सड़क पर गंदा पानी बहता है. इससे लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है. नगर पंचायत को इस परेशानी से कोई लेना-देना नहीं है. बुधवार को प्रभात खबर की टीम वार्ड स्कैन के दौरान उक्त वार्ड में पहुंची तो वार्ड का मुख्य नाला जो एनएच 2 की सर्विस सड़क के किनारे है. वह कूड़ा से भरा हुआ था.
नाला का पानी सड़क पर बह रहा था. जबकि वार्ड के अंदर ईंट की सड़क बनी थी, लेकिन नाला के अभाव में सड़क पर ही घरों का पानी बह रहा था. इस गंदगी में रह रहे कई लोग बीमारी की चपेट में आते हैं. कूड़ेदान के अभाव में लोग कचरे को घर के बाहर नाला के पास रख रहे हैं, जिससे दुर्गंध आ रही थी. वार्ड एनएच के किनारे सर्विस सड़क से शुरू होता है. प्रतिदिन देर रात्रि तक लोग यहां से गुजरते हैं, लेकिन लाइट की व्यवस्था नहीं होने से शाम होते ही वार्ड अंधेरे में डूब जाता है. जबकि नगर पंचायत है.
यहां से रेलवे लाइन से लेकर दो एनएच सड़क गुजरती है. लोगों का सड़क से आना-जाना लगा रहता है. अंधेरे के कारण लोगों को परेशानी होती है.
वार्ड में एक भी नहीं है विद्यालय व आंगनबाड़ी : वार्ड 13 में एक भी सरकारी विद्यालय एवं आंगनबाड़ी केंद्र नहीं है. इसके कारण बच्चे दूसरे वार्ड के विद्यालय में पढ़ने जाते हैं लेकिन नगर पंचायत द्वारा इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है. गौरतलब हो कि इस वार्ड में एक नहीं चार निजी विद्यालय हैं. मोहनिया का स्वास्तिक होटल भी इसी वार्ड में पड़ता है.
यह वार्ड नगर पंचायत का महत्वपूर्ण वार्ड है. इसमें कई डॉक्टर एवं निजी अस्पताल स्थित हैं. नाला की सफाई नहीं होने व नये मकानों तक जाने के लिए कोई रास्ता नहीं है. लोग पगडंडी से होकर अपने घरों तक जाते हैं. लोगों का कहना है कि नगर पंचायत से बेहतर तो ग्राम पंचायत था. उस समय गांव होने के नाते विकास होता था अब तो टैक्स भी नगर पंचायत का देते हैं, लेकिन विकास कुछ नहीं है.
