शौचालय निर्माण योजना में फंसा भुगतान का पेच

दिशा-निर्देश नहीं मिलने से विभाग में पड़े हैं साढ़े तीन करोड़ रुपये भभुआ नगर : खुले में शौच से मुक्ति के लिए केंद्र व राज्य सरकार ने कई योजनाएं शुरू कर इस दिशा में सार्थक प्रयास करने की पहल की है. स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय विहीन घरों में शौचालय बनाने के लिए लोगों […]

दिशा-निर्देश नहीं मिलने से विभाग में पड़े हैं साढ़े तीन करोड़ रुपये
भभुआ नगर : खुले में शौच से मुक्ति के लिए केंद्र व राज्य सरकार ने कई योजनाएं शुरू कर इस दिशा में सार्थक प्रयास करने की पहल की है. स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय विहीन घरों में शौचालय बनाने के लिए लोगों को प्रेरित करने के साथ-साथ आर्थिक सहायता भी उपलब्ध करायी जा रही है. लेकिन, जिले में स्वच्छ भारत मिशन का हाल यह है कि अब तक 149 पंचायतों में एक भी पंचायत को निर्मल पंचायत नहीं बनाया जा सका है. सरकार ने चालू वर्ष 2016-17 में कैमूर में 46970 शौचालय निर्माण कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है.
लेकिन, जब से यह योजना पीएचइडी से हस्तांतरित होकर ग्रामीण विकास विभाग के जिम्मे आयी है, तब से इस योजना में कई कारणों से ब्रेक भी लगा हुआ है. विभाग में पंचायतों द्वारा लाभुकों द्वारा दिये गये उपयोगिता प्रमाणपत्र जमा करने के बावजूद शौचालय निर्माण के लिए दिये जाने वाले रुपये लाभुकों को नहीं मिल रहे हैं. विभाग में साढ़े तीन करोड़ रुपये पड़े हुए हैं. इस संबंध में विभागीय सूत्रों ने बताया कि राज्य मुख्यालय द्वारा स्पष्ट गाइड लाइन नहीं मिलने की वजह से रूपयो के वितरण का मामला अटका हुआ है.
जिले में आगामी दो अक्तूबर तक चयनित पांच पंचायतों को निर्मल पंचायत बनाया जाना था. इनमें चांद के कुड्डी, कुदराके डेरवा, नुआंव के चंडेश, रामगढ़ के बड़ौरा और भभुआ के मिरियां पंचायत को आगामी दो अक्तूबर तक निर्मल पंचायत बनाये जाने की योजना थी. इसके लिए विभाग द्वारा कार्य योजना भी बनायी गयी.
लेकिन, अब तक इन पांचों पंचायतों को मिला कर 4388 शौचालय ही बन सके हैं. वहीं, 7888 शौचालय का निर्माण कार्य कराया जाना बाकी है. अन्य प्रखंडों से भी लाभुकों द्वारा शौचालय निर्माण करा लिये जाने के बावजूद उनके रूपयों का भुगतान अब तक नहीं हो पाया है.
1350 आवेदन प्राप्त, पर नहीं हुआ भुगतान
निर्मल पंचायत के लिए चयनित पांच पंचायतों में कई लोगों द्वारा शौचालय निर्माण करा लिये जाने के बावजूद अब तक उन्हें सरकार द्वारा निर्धारित सहायता राशि नहीं मिल पायी है. इस मामले में जिला जल एवं स्वच्छता समिति में इन पंचायतों द्वारा कुल 1350 लाभुकों के उपयोगिता प्रमाणपत्र जमा कराये जा चुके हैं. लेकिन भुगतान में विभागीय पेच फंसे होने के कारण लाभुकों को योजना का लाभ नहीं मिल पाया है.
मांगा गया है दिशा-निर्देश
विभाग में साढ़े तीन करोड़ रूपये पड़े हैं लेकिन राज्य मुख्यालय द्वारा रुपयों के वितरण को लेकर अभी तक स्पष्ट गाइड लाइन प्राप्त नहीं हुई है. जिलाधिकारी द्वारा भी इस मामले में राज्य मुख्य से दिशा निर्देश मांगा गया है.
अरविंद कुमार, जिला समन्वयक

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