इंट्री माफिया मनोज, सरोज व चंदन की संपत्ति होगी जब्त

भभुआ/मोहनिया : इंट्री माफिया गिरोह के सरगना मनोज गुप्ता व उस्के भाई सरोज व चंदन की संपत्ति को जब्त करने के लिए एसपी हरप्रीत कौर ने पीएमएलए (प्रिवेंटिव ऑफ मनी लॉड्रिंग एक्ट) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई करने के लिए अार्थिक अपराध इकाई को पत्र लिखा है. इंट्री माफिया मनोज गुप्ता की करीब दो […]

भभुआ/मोहनिया : इंट्री माफिया गिरोह के सरगना मनोज गुप्ता व उस्के भाई सरोज व चंदन की संपत्ति को जब्त करने के लिए एसपी हरप्रीत कौर ने पीएमएलए (प्रिवेंटिव ऑफ मनी लॉड्रिंग एक्ट) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई करने के लिए अार्थिक अपराध इकाई को पत्र लिखा है.
इंट्री माफिया मनोज गुप्ता की करीब दो करोड़ की चल-अचल संपत्ति का पता पुलिस ने लगा लिया है, जहां उसके गिरफ्तार भाई सरोज गुप्ता के पास से करीब 20 लाख रुपये बरामद किये गये थे, वहीं करीब एक करोड़ रुपये मनोज गुप्ता व उसके परिवार के अन्य सदस्यों के बैंक खाते में पाये गये थे.
यही नहीं सासाराम, खुरमाबाद व कुदरा में उसकी लाखों की जमीन का भी पुलिस द्वारा पता लगाया गया. बैंकों में मिले करोड़ाे रुपये की निकासी पर पुलिस पहले ही रोक लगा चुकी है. एसपी हरप्रीत कौर ने बताया कि मनोज व उसके परिवार के द्वारा इंट्री के गोरखधंधे से जो भी अवैध संपत्ति अर्जित की गयी होगी, उसे जब्त किया जायेगा. इसके लिए अर्थिक अपराध इकाई को पत्र लिखा गया है.
स्वास्थ्य व एसएफसी के घोटालेबाजों की भी संपत्ति जब्त करने की तैयारी : उधर, इंट्री माफियाओं के साथ-साथ 2009 से 2011 के बीच स्वास्थ्य विभाग में किये गये छह करोड़ 34 लाख के घोटाले मामले में दोषी पाये गये आरोपितों की भी संपत्ति जब्त करने की तैयारी कैमूर पुलिस ने शुरू कर दी है.
स्वास्थ्य विभाग में बंध्याकरण व प्रसव के नाम पर करोड़ों रुपये के घोटाले किये गये हैं, जिसमें अब तक की जांच में पाया गया है कि छह करोड़ रुपये 34 लाख का घोटाला करीब 45 एनजीओ को चलानेवालों के द्वारा किया गया है, जिसमें 15 लोगों के नाम पुलिस ने उजागर भी किये हैं. स्वास्थ्य विभाग के घोटालेबाजों ने एक ही महिला का एक साल में 12 बार प्रसव व 14 बार बंध्याकरण दिखा कर सरकारी पैसे की लूट की है. इस घोटाले में एनजीओ चलानेवालों के साथ-साथ सरकारी डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मी भी दाेषी पाये गये हैं. पुलिस जांच में दोषी घोटालेबाजों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ उनके द्वारा सरकारी रुपये का गबन कर अर्जित की गयी संपत्ति को भी जब्त करने की दिशा में कार्रवाई शुरू कर दी गयी है.
इसी तरह से राज्य खाद्य निगम के बकाये चावल को राइस मिलरों द्वारा गबन किये जाने के मामले में भी कैमूर पुलिस ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है. गबन करनेवाले सभी राइस मिलरों की संपत्ति का पता लगाने का निर्देश एसपी ने सभी आइओ को दिया है, ताकि उनके द्वारा गबन किये गये सरकारी चावल के पैसे से अर्जित की गयी संपत्ति को जब्त किया जा सके.
सख्ती से निबट रही पुलिस
सरकारी रुपये के गबन या घोटाला के मामले में सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि जिन लोगों ने सरकारी रुपये का गबन कर संपत्ति अर्जित की है, उनकी संपत्ति को जब्त की जाये. उसी के तहत कार्रवाई करते हुए सरकारी गबन हो या राजस्व को चूना लगा कर अवैध धन अर्जित करने का मामला, सभी मामलों में पुलिस सख्ती के साथ कार्रवाई कर रही है
हरप्रीत कौर, एसपी

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