मोहनिया(सदर) : मोहनिया प्रखंड में फर्जी दिव्यांगता प्रमाणपत्र मिलने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. बीडीओ को जांच में फिर 150 फर्जी दिव्यांगता प्रमाणपत्र मिले हैं. अब तक कुल जब्त किये गये प्रमाणपत्रों की संख्या बढ़कर 357 पहुंच गयी है. अभी और ऐसे प्रमाणपत्रों की जांच बाकी है.
कैसे बनाये गये प्रमाणपत्र : ऐसे गलत दिव्यांगता प्रमाणपत्र बनवाने के लिए दलालों ने अनुमंडल अस्पताल में दिव्यांगता प्रमाणपत्र का आवेदन जमा करनेवाले पदाधिकारियों को रिझाया. रिश्वत के बल पर यह गोरखधंधा पनपने लगा, जो देखते ही देखते परवानचढ़ गया.
इसका परिणाम यह हुआ कि जिन लोगों के सड़क हादसे में या किसी तरह हाथ या पैर टूट गये, जो इलाज के बाद ठीक हो गये. उन लोगों काे भी 40 से 45 प्रतिशत दिव्यांगता प्रमाणपत्र जारी कर दिया गया. इनमें बहुत से लोग तो ऐसे भी शामिल हैं, जो बिना दिव्यांगता शिविर मे उपस्थित हुए ही कागजों पर दिव्यांग बन गये.
