इस बार के पंचायत चुनाव का तरीका बदला-बदला सा दिख रहा है. पहले जहां लोग जनसंपर्क पर ज्यादा जोर देते थे, वहीं इस चुनाव में प्रत्याशी मोबाइल, वॉट्सएप व अन्य एप का सहारा ले रहे हैं.
पुसौली (कैमूर) : हैलो नमस्कार, प्रणाम. मैं आपकी पंचायत का प्रत्याशी बोल रहा हूं. आप अपना समर्थन हमें अपना मत देकर दें. मैं आपके क्षेत्र का समग्र विकास करूंगा. यह मेरा सिर्फ आश्वासन ही नहीं, बल्कि आपसे वादा है. ऐसे ही अंदाज में इन दिनों पंचायत चुनाव के प्रत्याशी अपना प्रचार करने में लगे हैं. पूर्व के चुनाव चुनाव में जहां प्रत्याशी जनसंपर्क पर अपना ज्यादा-से-ज्यादा ध्यान केंद्रित किया करते थे, वहीं, आज मोबाइल के माध्यम से वाॅपट्स-अप व अन्य एप का प्रयोग कर ऑडियो, विजुअल या स्टिकर पोस्ट कर अपना प्रचार कर रहे हैं.
बैंड बाजा पार्टी के संयोजक पुसौली निवासी मोनू कुमार की मानें तो पूर्व के वर्षों में काफी चुनाव प्रचार का साटा हो रहा था. इस चुनाव में तो अब कोई बैंड पार्टी वाले की तरफ झांकते तक नहीं हैं. अब तो सीडी में गीतों की रीमिक्स कर अपना प्रचार कर ले रहे हैं. अब तो एसएमएस व पैरोडी बनाकर प्रचार सुदूर ग्रामीण इलाकों में भी किया जा रहा है. मोबाइल की घंटी सुन कर लोगों को लगता है कि अब न जाने किस प्रत्याशी का प्रचार सुनने को मिले.
अब तो लोग घंटी सुनते ही मोबाइल में रिसीव तो करते हैं, लेकिन हैलो बोलने से पहले कुछ पल इंतजार करते है कि प्रत्याशी के प्रचार का तो फोन नहीं है. प्रत्याशी का फोन होने का एहसास होते ही अब लोग फोन को सुनने के बदले रेड बटन दबा देना ही बेहतर समझते हैं.
हद तो तब हो जाती है, जब दूसरी पंचायत क्षेत्र के प्रत्याशियों का प्रचार मतदाताओं को मोबाइल पर सुनायी दे जाती है. कुछ प्रत्याशी तो स्थानीय केवल ऑपरेटर संचालक द्वारा दृश्य व श्रव्य माध्यम से अपना प्रचार प्रसार कर रहे हैं.
इसमें वर्तमान में सर्वाधिक प्रयोग वाट्स-अप व एसएमएस का हो रहा है. पूर्व के चुनावों में जहां गाजे-बाजे के साथ प्रत्याशी के आकर्षक कट आउट लगा कर लाउडस्पीकर का शोर क्षेत्र में गूंजता रहता था, वहीं आज हाइटेक तरीके से प्रचार हो रहा है.
