ड्यूटी पर तैनात चार चौकीदारों को निलंबित करने की अनुशंसा

एमवीआइ के सील आवास के ताले के साथ छेड़छाड़ कर कई सबूत निकाले जाने की आशंका को लेकर निगरानी की आइजी अनुपमा निलेकर ने मामले की जांच के लिए कैमूर एसपी हरप्रीत कौर को जांच अधिकारी के रूप में नियुक्त किया है, जो पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट निगरानीको सौंपेंगी. भभुआ(कार्यालय) : 16 मार्च […]

एमवीआइ के सील आवास के ताले के साथ छेड़छाड़ कर कई सबूत निकाले जाने की आशंका को लेकर निगरानी की आइजी अनुपमा निलेकर ने मामले की जांच के लिए कैमूर एसपी हरप्रीत कौर को जांच अधिकारी के रूप में नियुक्त किया है, जो पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट निगरानीको सौंपेंगी.
भभुआ(कार्यालय) : 16 मार्च को निगरानी की टीम द्वारा कैमूर में परिवहन विभाग के चार ठिकानों पर की गयी छापेमारी के दौरान एमवीआइ राकेश रंजन के मोहनिया स्थित आवास को एमवीआइ के अनुपस्थित रहने के कारण निगरानी की टीम ने सील कर दिया था.
उसी सील ताले के साथ छेड़छाड़ कर एमवीआइ के आवास से कई सबूत निकाले जाने की आशंका को लेकर निगरानी ने इसकी लिखित शिकायत मोहनिया थाने व निगरानी के आलाधिकारियों से की थी, जिसे लेकर निगरानी की आइजी अनुपमा निलेकर ने एमवीआइ के आवास के सील ताले के साथ छेड़छाड़ मामले की जांच के लिए कैमूर एसपी हरप्रीत कौर को जांच अधिकारी के रूप में नियुक्त किया है, जो पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट निगरानी को देंगी.
इधर, कैमूर एसपी ने निगरानी द्वारा एमवीआइ के आवास पर सील ताले के साथ छेड़छाड़ किये जाने की लिखित शिकायत निगरानी से मिलने के बाद उनके आवास पर सुरक्षाके लिए तैनात किये गये चार चौकीदारों को लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित करने की अनुशंसा डीएम से की है.
वहीं, एसपी हरप्रीत कौर ने बताया कि एमवीआइ के आवास के सील ताले के साथ छेड़छाड़ मामले की जांच निगरानी के वरीय अधिकारियों के आदेश पर मेरे द्वारा शुरू की गयी है. इसमें जो लोग भी दोषी होंगे उन पर सख्त कार्रवाई की जायेगी. इसमें थाना से लेकर जिम्मेवार सभी लोगों की भूमिका की जांच की जायेगी.
कहां से आये पांच लाख 28 हजार रुपये ?
16 मार्च को समेकित चेकपोस्ट मोहनिया से निगरानी की टीम को अतिरिक्त मिले पांच लाख 28 हजार रुपये किसके हैं और कहां से आये. इसका जवाब अभी तक नहीं मिल सका है.
छापेमारी के दिन निगरानी की टीम ने चेकपोस्ट पर सरकारी राजस्व के अतिरिक्त पांच लाख 28 हजार रुपये बरामद किया था. लेकिन, वह पांच लाख 28 हजार रुपये किसका है कहां से आये थे और उक्त रुपये कैसा है इसका खुलासा अभी तक नहीं हो सका. इसका जवाब न तो परिवहन विभाग दे रहा है और ना ही निगरानी विभाग. बड़ा सवाल यह है कि चेकपोस्ट से बरामद अतिरिक्त पांच लाख 28 हजार रुपये के साथ परिवहन विभाग के डीटीओ सहित छह लोगों को निगरानी की टीम पूछताछ के लिए हिरासत में अपने साथ पटना ले गयी थी.
लेकिन, शायद उनसे भी निगरानी की टीम को अतिरिक्त मिले पांच लाख 28 हजार रुपये के वारिस की जानकारी नहीं मिल सकी. तभी तो हिरासत में लिये गये सभी लोगों को मुक्त किये जाने के बावजूद भी निगरानी यह नहीं बता पा रही कि आखिर अतिरिक्त मिले पांच लाख 28 हजार रुपये किसके हैं. क्या उक्त रुपये का परिवहन विभाग के द्वारा हिसाब किताब दे दिया गया या आज भी वह रुपये अपना मालिक ढूंढ़ रहा है. आखिर अतिरिक्त मिले पांच लाख 28 हजार रुपये आसमान से गिरे या जमीन ने उगल दिया यह सवाल लोगों के जेहन पर आम हो गयी है.

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