आमलोगों खास कर महिलाओं में ज्यादा खुशी
रामगढ़ (कैमूर) : सरकार के महत्वपूर्ण एजेंडों में शामिल शराबबंदी लागू होने से लोग सुकून महशूस करने लगे हैं. शराब की बिक्री किसी भी कीमत पर न हो, इसके लिए प्रशासनिक अधिकारी काफी सक्रिय दिखने लगे हैं. शराबबंदी को पूर्ण रूप से लागू करने के लिए कई सामाजिक संगठन भी बढ़-चढ़ कर हिस्सा ले रहे है.
एक तरफ देखा जा तो शराबबंद हो जाने से शराब सेवन करने वालों की छटपटाहट व बेचैनी ज्यादा बढ़ गयी है. वहीं, दूसरी तरफ शराबियों के परिवार वाले काफी राहत महशूस करने लगे हैं. शराबियों से आजिज होकर उनके परिजन पूर्व में अपनी जान लेवा घातक स्तर तक जा चुके है. मगर, एक अप्रैल से सूबे की सरकार द्वारा अपने सात निश्चयों में इस शराबबंदी पर पूर्ण रूपेण इसे प्रभावी बनाये जाने से अब इसकी चर्चा जोरों पर होने लगी है.
लोगों ने बताया कि 1973-74 के दशक में तत्कालीन मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर ने शराबबंदी पर मुहर लगायी थी. मगर, इस मुहिम में अपनी पार्टी के कुछ लोगों से अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने के कारण यह मुहिम सफल नहीं हो सका था. महिलाओं ने बताया कि शराबबंदी अपने प्रभावी तिथि पर लागू हो जाने से हमलोग सुकून महसूस करने लगे हैं.
रेखा बिंदी, सोनमती व पार्वती आदि का कहना है कि मेरे पति को शराब की लत पड़ जाने के कारण हमारा परिवार बिखर गया. आगे बढ़ने के बदले हमलोग नीचे खिसते गये. लेकिन, अब शराबबंदी से हमलोगों का भी विकास होगा. इस संबंध में थानाध्यक्ष इरशाद अंसारी ने बताया कि शराबबंदी को सख्ती से लागू करने के लिए पुलिसकर्मियों की मुहिम तेज हो गयी है. किसी भी हालत में लोगों को शराब बेचने नहीं दिया जायेगा. पकड़े जाने पर उचित कार्रवाई की जायेगी.
95 बोतल विदेशी शराब के साथ एक गिरफ्तार : कर्मनाशा (कैमूर). दुर्गावती थाने के पुलिसकर्मियों ने गुरुवार की शाम खजुरा गांव के पास से 95 बोतल विदेशी शराब के साथ एक बाइक सवार व्यक्ति को गिरफ्तार किया. पुलिस को सूचना मिली कि बाइक सवार एक व्यक्ति शराब लेकर कर्मनाशा की ओर जा रहा है. सूचना पर पुलिस ने खजुरा के पास घेराबंदी कर जांच पड़ताल शुरू कर दी. उसी दौरान एक बाइक सवार की तलाशी लेने पर उसके पास से 95 बोतल विदेशी शराब बरामद की. गिरफ्तार व्यक्ति भानपुर गांव का निवासी बताया गया है. उसे कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया.
दिन भर चलाता था पीने-पिलाने का दौर : कर्मनाशा (कैमूर). शराबबंदी का असर शुक्रवार से दुर्गावती प्रखंड में पूरी तरह दिखने लगा. उत्तर प्रदेश-बिहार सीमा क्षेत्र के खजुरा बाजार में शराबियों का जहां बराबर जमघट लगता था, वहीं शुक्रवार को वहां सन्नाटा पसरा रहा. शराब की दुकान बंद हो जाने से शराबियों के साथ मंसाहारी व अंडे दुकानें पर भी सन्नाटा पसरा रहा.
बिहार सरकार द्वारा शराबबंदी के फैसले को लेकर पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी भी काफी सख्त दिखे. पुलिस व अधिकारियों के वाहन बराबर गश्त लगाते रहे. वैसे भी शराब को लेकर सख्त कानून को देखकर शराबियों में भी बदलाव दिखने लगा है. सरकार के फैसले से घर की महिलाएं काफी खुश है.
बुधवार को देश में दूसरा स्थान लाने वाले खिलाड़ी राजेश चौधरी को सम्मानित करने के दौरान भी शराब नहीं पीने की शपथ मुखिया ठाकुर प्रसाद द्वारा दिलायी गयी और सब ने ध्वनि मत से हाथ उठाकर शराब नहीं पीने का भरोसा दिलाया. मुखिया की इस पहल की खूब प्रशंसा हुई है.
