अब गुलजार नहीं होगी शराबियों की शाम, नहीं लड़े जाम

शराब पीने व पिलाने पर जुर्माने के साथ लग सकती है हथकड़ी भभुआ (सदर) : सरकार शराबबंदी को लेकर तरह-तरह की रणनीतियां बना रही हैं. उसे लागू करने के लिए कड़े नियम व तरकीबें सोच जा रही हैं. इससे शराब पीने वालों की बेचैनी बढ़ती जा रही है. वैसे तो शहर के सभी चौक-चौराहों सहित […]

शराब पीने व पिलाने पर जुर्माने के साथ लग सकती है हथकड़ी
भभुआ (सदर) : सरकार शराबबंदी को लेकर तरह-तरह की रणनीतियां बना रही हैं. उसे लागू करने के लिए कड़े नियम व तरकीबें सोच जा रही हैं. इससे शराब पीने वालों की बेचैनी बढ़ती जा रही है. वैसे तो शहर के सभी चौक-चौराहों सहित ग्रामीण इलाकों के बाजारों में शराब धड़ल्ले से मिलती रही है.
वहीं, अवैध शराब का धंधा भी गांवों में जारी था. सरकार के शराबबंदी कानून के अमल में आने के बाद से एक अप्रैल से चौक-चौराहों की शाम को सजने वाली महफिलें नहीं सज पायेंगी और नहीं आपस में जाम टकराने की स्थिति बन सकती है.
नहीं सुधरे, तो जुर्माने के साथ लग जायेगी हथकड़ी : सरकार द्वारा एक अप्रैल से की गयी शराबबंदी की घोषणा के बाद भी अगर आप नहीं सुधरे, तो भारी-भरकम जुर्माने के साथ जेल की हवा खाने को तैयार हो जायें. सरकार ने नयी उत्पाद नीति के साथ शराब पीने और पिलाने पर काफी सख्त नियम व कानून बना दिये हैं, जिसमें सार्वजनिक स्थानों पर अनधिकृत शराब पीने पर दंडनीय अपराध माना जायेगा. इसके लिए सात से 10 साल तक का कारावास व 10 लाख रुपये तक का जुर्माना भी हो सकता है. इसके अलावा अन्य कड़े कानून लागू करते हुए भारी भरकम जुर्माने का प्रावधान दंड स्वरूप सरकार द्वारा किया गया है.
उजड़ने लगी देसी शराब की दुकानें : सरकार की पहली अप्रैल से पूर्ण शराबबंदी की घोषणा के 24 घंटे पूर्व ही देसी शराब के आशियाने उजड़ने शुरू हो गये. स्थिति यह हो गयी कि गुरुवार 31 मार्च की रात 10 बजे के बाद जिन देसी शराब दुकानों को बंद किया जाना था, वे दिन के 10 बजे से ही बंद होनी शुरू हो गयी. कुछ देसी ठेकों पर इक्का-दुक्का लोग नजर आये.
मगर, वह उत्साह नहीं दिखायी दिया. नयी उत्पाद नीति को प्रभावी बनाने के लिए हर संभव तैयारी की जा रही है. इसके तहत मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में अलग-अलग टीमें बनायी गयी हैं. प्रत्येक टीम में मजिस्ट्रेट के अलावा पुलिस पदाधिकारी, उत्पाद पदाधिकारी, कर्मचारी, सशस्त्र बल व फोटोग्राफर शामिल रहेंगे.
इनके द्वारा 31 मार्च को रात 10 बजे से सभी शराब दुकानों को सील करने की कार्रवाई की जायेगी. इस दौरान देसी शराब को मौके पर ही नष्ट कर दिया जायेगा, जिसकी वीडियोग्राफी भी मौके पर होगी. साथ ही विदेशी शराब को टीम अपने कब्जे में ले लेगी. कब्जे में आये विदेशी शराब की धनराशि बाद में बिहार स्टेट ब्रिवरेज लिमिटेड के माध्यम से चेक द्वारा भुगतान की जायेगी.

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