भभुआ(सदर) : धवार को नगर पर्षद (नप) कार्यालय सभागार में नप की सामान्य बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता नप सभापति बजरंग बहादुर सिंह व संचालन नप इओ ने किया. बैठक के दौरान शहर में बंद पड़े चापाकल व पानी की समस्या पर वार्ड पार्षदों ने हंगामा किया व शिकायत के बावजूद नप के अधिकारी व कर्मियों द्वारा पार्षदों की समस्या पर ध्यान नहीं देने का आरोप लगाया.
बैठक के दौरान ही नप के पूर्व सभापति अमरदेव सिंह, पार्षद इलमवासी देवी, मदन सिंह आदि ने बैठक के दौरान शहर के सभी वार्डों में पेयजल की समस्या को हल करने, शहर में बंद पड़े शौचालयों को शुरू करते हुए इससे संबंधित संवेदक पर कार्रवाई की मांग की.
पानी की समस्या पर तो वार्ड नंबर 14 की पार्षद इलमवासी देवी ने तो यहां तब कह डाला कि अगर पानी की समस्या का निराकरण नहीं किया जाता व चापाकल की मरम्मत नहीं की जाती, तो वह धरने पर बैठ जायेंगी. पार्षदों की इस मांग पर नप सभापति द्वारा सभी वार्डों में एक अभियान चला कर चापाकल मरम्मत का आश्वासन दिया गया. बैठक के दौरान ही पिछली बैठक की संपुष्टि की गयी व वित्त वर्ष 2016-17 के बजट पर विचार किया गया.
इसके अलावा नप क्षेत्र में आने वाले क्षेत्रों में एलइडी स्ट्रीट लाइट लगाने, नप क्षेत्र भभुआ में सिवरेज सिस्टम का प्राक्कलन तैयार करने, नप क्षेत्र में पड़ने वाले खाली पड़े जमीन पर दुकान निर्माण कराने सहित अन्य शहरी मुद्दों पर विचार करते हुए उसे सदन के पटल पर रखा गया. नप में आयोजित सामान्य बैठक के दौरान नप उपाध्यक्ष सरफराज अली, अलदाउ सिंह, गुड्डू सिंह पटेल, वीणा श्रीवास्तव, विजय तिवारी, मीरा देवी, शशि कुमार सहित अन्य पार्षद व कर्मी शामिल रहे.
इओ की कार्यशैली पर पार्षदों ने उठाया सवाल : नगर पार्षदों में आयोजित सामान्य बैठक के दौरान वार्ड पार्षदों ने नप इओ और कर्मियों के कार्यशैली पर सवाल उठाया और पार्षदों द्वारा शहरी समस्या को लेकर उठाये गये मामलों पर उदासीनता बरतने का आरोप लगाया. वार्ड नंबर तीन की महिला पार्षद अनीता देवी ने आरोप लगाया कि उनके चेंबर में जाकर अपने वार्ड की समस्या बताने पर अधिकारी द्वारा समस्या बता कर चले जाने का फरमान सुना दिया जाता है.
जबकि, वार्ड नंबर 6 के पार्षद मदन सिंह ने आरोप लगाया कि अपने वार्ड की समस्याओं को लिखित रूप से देने के बावजूद अधिकारी द्वारा कोई सुनवाई नहीं की जाती है. अब पार्षद अपनी समस्याओं को लेकर किसके पास जायेंगे. वहीं, पार्षद ने बैठक के दौरान यहां तक कहा कि नप के अभियंता को शहर की समस्या का हल न कराते हुए उनसे लिपिक का कार्य कराया जा रहा है. बैठक के दौरान सभी पार्षदों ने नप अधिकारी की कार्यशैली पर सवाल उठाया और इसकी निंदा की.
