भभुआ : जिला पदाधिकारी कैमूर के निर्देश पर अनुज्ञप्ति निर्गत किये गये सहकारी समितियों के खाद की कालाबाजारी संबंधित संलिप्तता को लेकर जांच टीम का गठन किया गया है. जिलाधिकारी के आदेश पर जिले के 11 प्रखंडों में जांच के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है. बताया जाता है कि कृषि निदेशक पटना […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
भभुआ : जिला पदाधिकारी कैमूर के निर्देश पर अनुज्ञप्ति निर्गत किये गये सहकारी समितियों के खाद की कालाबाजारी संबंधित संलिप्तता को लेकर जांच टीम का गठन किया गया है. जिलाधिकारी के आदेश पर जिले के 11 प्रखंडों में जांच के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है.
बताया जाता है कि कृषि निदेशक पटना द्वारा जिला प्रशासन को यह सूचित किया गया था कि कुछ उर्वरक निर्माता कंपनियों ने कुछ कोऑपरेटिव सोसाइटीज को उनके अनुमोदित बाई लॉज यानी स्थानीय प्रशासन द्वारा बनाये गये नियम अथवा उप नियम जो केवल उसी क्षेत्र में लागू होते हैं का सत्यापन किये बिना सर्टिफिकेट ऑफ सोर्स फार्म 0 निर्गत कर दिये हैं.
मिली जानकारी के अनुसार सरकार द्वारा प्रदत्त की गयी सूचना के आधार पर उक्त आलोक में जिला पदाधिकारी कैमूर द्वारा जिला कृषि पदाधिकारी कैमूर को जिन सहकारी समितियों को उर्वरक बिक्री अनुज्ञप्ति निर्गत किये गये हैं, उनके अनुमोदित बाई लॉज का पूर्णत: सत्यापन करने एवं कालाबाजारी आदि में उनकी संलिप्तता की संयुक्त जांच करने का निर्देश दिया गया था.
इस आलोक में अब जिले के सभी प्रखंडों में ऐसे सहकारी समितियों के कालाबाजारी में संलिप्तता की जांच एवं उनके बाईलॉज का सत्यापन करने के लिए प्रखंडवार जांच टीम का गठन किया गया है. प्रत्येक प्रखंड के जांच टीम में प्रखंड के सहकारिता पदाधिकारी तथा प्रखंड के कृषि पदाधिकारी को रखा गया है. जो अपनी जांच रिपोर्ट तीन दिनों के अंदर जिला कृषि पदाधिकारी को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करायेगें.