भभुआ : नगर पर्षद के बढ़ाये गये टैक्स के विरोध में मंगलवार को ई रिक्शा और ऑटो की हड़ताल रही. इस दौरान सुबह से ही चालकों द्वारा सवारियों को लेकर जा रहे अन्य ऑटो और ई रिक्शा रुकवा दिये और इनमें बैठी सवारियों को भी सड़कों पर उतार दिया गया. बुधवार को शहर की लाइफ लाइन ऑटो व ई रिक्शा चालकों की हड़ताल से जगह-जगह इंतजार में लोग घंटों सड़कों पर ही खड़े रहे.
ऑटो व ई रिक्शे की हड़ताल से हलकान रहे लोग, पैदल तय करना पड़ा रास्ता
भभुआ : नगर पर्षद के बढ़ाये गये टैक्स के विरोध में मंगलवार को ई रिक्शा और ऑटो की हड़ताल रही. इस दौरान सुबह से ही चालकों द्वारा सवारियों को लेकर जा रहे अन्य ऑटो और ई रिक्शा रुकवा दिये और इनमें बैठी सवारियों को भी सड़कों पर उतार दिया गया. बुधवार को शहर की लाइफ […]

खासकर महिला व वैसे यात्री जिनके पास भारी भरकम सामान था. उन्हें ज्यादा परेशानी हुई. आमलोगों की परेशानी चिलचिलाती धूप ने और ज्यादा बढ़ा दी. लोग शहर में पैदल चलते पसीने से तरबतर हो रहे थे.
नगर पर्षद के बढ़े टैक्स पर ऑटो यूनियन के कार्यकारी अध्यक्ष आरीफ अंसारी का कहना था कि शहर में करीब 200 ऑटो व ई रिक्शा चालक सवारी वाहन चलाकर अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं. सरकार ने ऑटो रिक्शा चलाने की परमिशन बेरोजगार होने के कारण दी है. शहर के चारों ओर केवल तीन से चार किलोमीटर का दायरा है. इसी दायरे में चालकों को ऑटो व ई रिक्शा चलाकर पेट पालना है.
अब इस थोड़ी सी कमाई में 20 रुपये नगर पर्षद और 5 से 20 रुपये अवैध उगाही करनेवालों को दिया जाये, तो फिर ऑटो व ई रिक्शा चालकों को घर परिवार का पेट चलाने के लिये क्या बचेगा. ऊपर से ऑटो व ई रिक्शा मालिकों को भी प्रतिदिन की कमाई देना है. इसलिए मांग है कि नगर पर्षद बढ़े हुए टैक्स वापस ले और अवैध उगाही करनेवाले लोगों पर कार्रवाई करते हुए वैसे लोगों पर लगाम लगायी जाये.
वार्ता रही बेनतीजा
बढ़ाये गये टैक्स के विरोध में ऑटो व ई रिक्शा चालकों के हड़ताल पर चले जाने की सूचना संज्ञान में आने पर नगर पर्षद के कार्यपालक पदाधिकारी अनुभूति श्रीवास्तव द्वारा संघ के अध्यक्ष व अन्य पदाधिकारियों को वार्ता के लिए मंगलवार को नप कार्यालय में बुलाया गया और संघ के नेताओं को बढ़ाये गये टैक्स व टेंडर हो जाने के बारे में समझाया गया.
लेकिन, नप इओ के सामने ही संघ के अध्यक्ष को लेकर कार्यकारी अध्यक्ष आरीफ अंसारी और शहर में सवारी वाहनों से टैक्स उगाहने का टेंडर लिए संवेदक आलोक सिंह अध्यक्ष पद पर अपनी अपनी दावेदारी जताने लगे. हालांकि, इस दौरान नप इओ द्वारा असली अध्यक्ष होने के बारे में दोनों से पूछा गया.
नप ईओ के समझाने के बावजूद अपने आप को भी ऑटो व ई रिक्शा संघ के अध्यक्ष बताते हुए डटे रहे. पूर्व से ऑटो संघ के कार्यकारी अध्यक्ष रहे आरिफ अंसारी का कहना था कि जब तक नगर पर्षद द्वारा बढ़े टैक्स को कम नहीं किया जाता. तब तक शहर में चलनेवाले सभी ऑटो व ई रिक्शा के चालक आगे भी हड़ताल पर डटे रहेंगे.
रुक-रुक कर चलते रहे ऑटो व ई रिक्शा
इधर, हड़ताल पर रहने के बाद भी दिनभर शहर में ऑटो व ई रिक्शा रुक रुक कर चलते रहे. हालांकि, सुबह से लेकर दोपहर 12 बजे तक शहर में हड़ताल का खूब असर दिखा. ऑटो व ई रिक्शा के चालक भी हड़ताल के समर्थन में सड़कों पर निकल शांतिपूर्वक विरोध दर्ज कराते रहे.
वैसे मंगलवार को ऑटो व ई रिक्शा चालकों के हड़ताल पर रहने से हाथ रिक्शा खींचने वालों की खूब चांदी रही. शहर की सड़कों से लगभग गायब हो चुके रिक्शे के लिए भी दिन भर मारामारी होती रही और लोगों की मजबूरी समझ उनसे अखलासपुर व सोनहन बस स्टैंड से शहर में लाने ले जाने के लिए मनमाना भाड़ा वसूलते रहे.