कुदरा (कैमूर) : कुदरा में ओवरब्रिज के दोनों तरफ की सर्विस सड़क पर वर्षों से हुए जलजमाव से त्रस्त स्थानीय लोग अब पलायन के मूड में हैं. बशर्ते उनके मकान का कोई खरीदार मिल जाये, पर रोना इस बात का है कि उनके घरों के आगे सड़क पर जलजमाव को देख कोई खरीदार भी उनके यहां दाना तक नहीं डालते हैं.
तरह से त्रस्त होकर सरकार की व्यवस्था को कोसते हुए जैसे-तैसे अपनी जिंदगी काट रहे हैं. गृह स्वामी के अलावा सर्विस सड़क के बगल में खोली गयीं दुकानें बंद होने के कगार पर है. जलजमाव के कारण ग्राहक उन दुकानों की तरफ रुख नहीं करते हैं. इसके चलते कई दुकानदार यहां से पलायन कर गये हैं.
वहीं, पूर्व से बसे स्थानीय लोग नाली के गंदे पानी के जमाव व कीचड़ से होकर ही कहीं आ-जा सकते हैं. घरों में शादी विवाह का होनेवाला उत्सव जलजमाव के कारण किसी अन्य जगहों से करना पड़ता है. यहां के लोगों के दरवाजे पर कभी बरात नहीं लगी. इन्हीं सब परेशानियों के कारण लोग दूसरे विकल्प की तैयारी में हैं. स्थानीय लोगों के साथ-साथ आम लोग, पैदल जाने वाले राहगीर या फिर वाहन चालक, सभी को जलजमाव वाली सड़क से आने-जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
आलम यह है कि वर्षों से जलजमाव व बदहाल सड़क के गहरे-गहरे गड्ढे में गिर कर बाइक सवार चोटिल हो जाते हैं, वहीं अक्सर सर्विस सड़क जाम होने से स्कूली वाहन हो या यात्री वाहन घंटों फंसे रह जाते हैं. इन दिनों धान का सीजन होने के कारण लालापुर मंडी जाने के लिए उक्त सर्विस सड़क पर बड़ी-बड़ी गाड़ियों के आने-जाने से जाम की समस्या हमेशा बनी रहती है. इस समय भभुआ में हो रही मैट्रिक की परीक्षा देने जा रहे छात्रों का वाहन सर्विस लेन वाली सड़क पर फंसने के अंदेशा से मोहनिया के रास्ते जाने को मजबूर हैं.
सर्विस सड़क के जलजमाव से निजात पाने के लिए जिला पार्षद प्रतिनिधियों ने सड़क जाम व प्रदर्शन किया था. अधिकारियों के आश्वासन पर जाम हटाया गया, लेकिन महीनों बीतने के बाद भी प्रशासन द्वारा कछुए की चाल की तरह नाला खुदाई का काम शुरू किया गया है. अगर इसी रफ्तार में नाला खुदाई का काम चलता रहा, तो इसे पूरा होने में वर्षों लग जायेंगे. तब तक लोग जलजमाव वाली सड़क पर जान जोखिम में डाल कर चलने पर विवश हैं.
