अंडा योजना में हेरफेर की भी होगी जांच
भभुआ नगर : सरकारी विद्यालयों में चल रही एमडीएम योजना में लूटखसोट का दौर जारी है. विद्यालयों में कम बच्चों की उपस्थिति के बावजूद उपस्थिति पंजी में अधिक बच्चों की उपस्थिति दिखा कर एमडीएम योजना में प्रधानाध्यापक अपनी जेब गरम कर रहे हैं. एमडीएम योजना में किये गये रुपये के गबन के मामले में वसूली को लेकर विभाग भी रुचि नहीं दिखा रहा है.
मिली जानकारी के अनुसार, जिले के 140 प्रधानाध्यापकों ने कुल मिला कर 31 लाख 64 हजार रुपये का गबन किया है. इसमें अब तक मात्र सात लाख 40 हजार रुपये की वसूली हो पायी है. जिलाधिकारी राजेश्वर प्रसाद सिंह ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी को यह आदेश जारी किया है कि जिन प्रधानाध्यापकों पर एमडीएम योजना में गड़बड़ी कर रुपये हजम कर लिये हैं. उन प्रधानाध्यापकों के वेतन से हर महीने 20 प्रतिशत राशि की कटौती कर इसकी भरपाई की जाये. अधिकारियों के जांच के दौरान भौतिक उपस्थिति से ज्यादा बच्चों की उपस्थिति के आधार पर वसूली की कार्रवाई की जा रही है. हालांकि, इस मामले में कई एचएम ने डीईओ के पास अपील भी दायर की है.
चांद में 13 एचएम से छह लाख की वसूली : एमडीएम कार्यालय से प्रखंडवार जो सूची बनायी गयी है. उसमें सबसे अधिक चांद प्रखंड के 13 एचएम से पांच लाख 90 हजार 378 रुपये की वसूली के लिए नोटिस जारी किया गया. इसमें अब तक मात्र एक लाख 96 हजार 348 रुपये की वसूली हो पायी है. वहीं, दूसरे नंबर पर रामगढ़ प्रखंड क्षेत्र के 16 एचएम से चार लाख 88 हजार 586 रुपये की वसूली के विरुद्ध मात्र एक लाख 41 हजार 319 रुपये की वसूली हो पायी है. पहाड़ी क्षेत्र और लाल गलियारे के नाम से मशहूर अधौरा प्रखंड जहां अब भी शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त नहीं. वहां के 10 एचएम ने कुल तीन लाख 57 हजार 291 रुपये का गबन किया है. इसमें मात्र तीन हजार 706 रुपये की वसूली हो पायी है.
सभी डीडीओ को जारी किया गया आदेश : एमडीएम योजना में गबन किये गये रुपये की वसूली को लेकर एमडीएम निदेशालय से भी सख्त आदेश जारी किये गये हैं.
वहीं, जिलास्तर पर जिलाधिकारी ने हर माह 20 प्रतिशत राशि की कटौती एचएम के वेतन से करने का आदेश दिया है. इसके बाद डीईओ ने सभी डीडीओ को चिह्नित कर हेडमास्टरों के वेतन से रुपये की रिकवरी करने का आदेश दिया है.
अंडा योजना में भी हेरफेर
मिड-डे मिल योजना स्कूल के एचएम के लिए अतिरिक्त कमाई का जरिया बन चुका है. नवंबर माह से शुरू हुए अंडा योजना में भी हेरफेर का मामला प्रकाश में आ रहा है. इसे लेकर विभाग द्वारा इसकी जांच पड़ताल कराने का निर्णय लिया गया है. कई जगहों पर बच्चों को अंडा या उसकी जगह फल खिलाने की योजना में भी कागजों पर ही अंडा खिला कर एचएम रुपये निकालने की कवायद में जुटे हैं.
