रैंकिंग रिपोर्ट में ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों को मिले सिर्फ 25 नंबर

डीएम ने बिहार विकास मिशन को भेजी रैंकिंग रिपोर्ट ग्रामीण क्षेत्र में घर तक पक्की नाली-गली योजना की स्थिति भी खराब भभुआ नगर : सरकार के सात निश्चय योजना को लेकर राज्यस्तर से निरंतर मॉनीटरिंग की जा रही है. सीएम नीतीश कुमार ने भी अपनी विकास यात्रा के दौरान सात निश्चय के तहत चल रही […]

डीएम ने बिहार विकास मिशन को भेजी रैंकिंग रिपोर्ट

ग्रामीण क्षेत्र में घर तक पक्की नाली-गली योजना की स्थिति भी खराब
भभुआ नगर : सरकार के सात निश्चय योजना को लेकर राज्यस्तर से निरंतर मॉनीटरिंग की जा रही है. सीएम नीतीश कुमार ने भी अपनी विकास यात्रा के दौरान सात निश्चय के तहत चल रही योजनाओं की समीक्षा की थी. वहीं, डीएम राजेश्वर प्रसाद सिंह ने भी सात निश्चय योजना को प्राथमिकता के साथ पूरा करने का आदेश संबंधित विभागों को दिया है. इसके बावजूद कुछ योजनाओं में अधिकारियों की शिथिलता और जनप्रतिनिधियों के रुचि नहीं लेने से योजनाएं कछुए की चाल से आगे बढ़ रही हैं. सबसे खराब स्थिति हर घर नल का जल और घर तक पक्की नाली-गली ग्रामीण क्षेत्र की है. डीएम द्वारा बिहार विकास मिशन के विकास आयुक्त को मार्च महीने की भेजी गयी रिपोर्ट में हर घर नल का जल ग्रामीण क्षेत्र में 100 में 25.69 अंक मिले हैं. वहीं, शहरी क्षेत्र को 25 अंक प्राप्त हुए हैं.
योजना की स्थिति की बात करें, तो ग्रामीण क्षेत्र में वर्ष 2016-17 और 17-18 में कुल 134080 घरों को योजना से लाभान्वित करने के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 12240 घरों तक ही नल के जल का कनेक्शन पहुंचा है. शहरी क्षेत्र में 41 में 24 वार्डों में ही काम शुरू हो सका है. इसमें 250 घरों तक कनेक्शन पहुंच चुका है.
122 वार्डों में ही पक्की नाली-गली का काम हुआ पूरा : सात निश्चयों में एक पक्की नाली-गली योजना की बात करें, तो इस योजना में ग्रामीण क्षेत्र को 32.1 अंक मिले हैं. वहीं, शहरी क्षेत्र में स्थिति संतोषजनक है. इसमें 73.2 अंक प्राप्त हुए हैं. योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र में 925 वार्डों का चयन किया गया है. इसमें 413 वार्डों में कार्य प्रगति पर है. जबकि, सिर्फ 122 वार्डों में ही काम पूरा हुआ है. शहरी क्षेत्र में 2443 घरों के लक्ष्य के विरुद्ध 1906 घरों तक योजना का क्रियान्वयन किया जा चुका है. शौचालय निर्माण की बात करें, तो इस योजना में 100 में 71.9 अंक मिले हैं. मार्च में 69 पंचायतों को ओडीएफ करने के लक्ष्य के विरुद्ध 26 पंचायतों को ओडीएफ किया गया है. शहरी क्षेत्र में 100 में 80.9 अंक मिले हैं. इसमें 2445 के विरुद्ध 1666 शौचालय का निर्माण कार्य पूरा कराया जा चुका है.
बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड में 44 नंबर
युवाओं को फोकस करते हुए सात निश्चयों में सबसे महत्वकांक्षी आर्थिक हल युवाओं को बल योजना के अंतर्गत बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड में जिले के 100 में 54.2 अंक, मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता में 67.2 अंक तो कुशल युवा कार्यक्रम में 81 अंक मिले हैं. वहीं, हर घर बिजली लगातार योजना की प्रगति भी संतोषजनक है. इसमें 250722 घरों का चयन किया गया है, जिसमें 198411 घरों का सर्वेक्षण किया जा चुका है. इसमें 1337 गांवों तक बिजली पहुंचा दी गयी है. जबकि, 116611 घरों तक बिजली का कनेक्शन दिया गया है. इस योजना में 100 में 72.3 अंक मिले हैं. इस रिपोर्ट को अब बिहार विकास मिशन सोसाइटी को भेजा गया है. इसके बाद अब राज्यस्तर पर जिले की रैकिंग तय होगी.
सात निश्चय योजना को लेकर जिला प्रशासन दृढ़ संकल्पित है. योजनाओं को प्राथमिकता के साथ पूरा करने का निर्देश अधिकारियों को दिया गया है,जिनका प्रदर्शन अच्छा नहीं उन्हें तेजी लाने का निर्देश दिया गया है.
राजेश्वर प्रसाद सिंह, डीएम, कैमूर

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