भभुआ : गर्मी में कैमूर के जंगली प्रक्षेत्र में जैसे ही पानी का संकट खड़ा होता है. वैसे ही पानी के लिए भटक रहे प्यासे जंगली जीवों के जान पर खतरा भी बढ़ जाता है. गौरतलब है कि जिले के वन प्रक्षेत्र में बाघ, चीता, हिरण, सूअर, भालू, सांभर, नीलगाय जैसे जंगली जीव सहित मोर और साहिल जैसी पक्षियों का भी आवासन है. लेकिन, जैसे ही वन प्रक्षेत्र में पानी का संकट खड़ा होता है, वैसे ही प्यासे वन जीव पानी के लिए मैदानी क्षेत्र में उतरने लगते हैं. यहां उनके जीवन पर खतरा मंडराने लगता है.
कई बार हिरण जैसे प्यासे जंगली जीवों को ग्रामीण क्षेत्र में जलाशयों के आसपास घेर कर शिकार खानेवाले शौकीनों द्वारा मार दिया जाता है. कई बार वन विभाग द्वारा ऐसे जीवों का मांस और खाल भी बरामद किया गया है. इसी तरह जंगली जीवों को अकेला पाकर मैदानी क्षेत्र में कुत्ते भी नोंच डालते हैं.
