चेन्नई से आये दंपती ने अपनाया भोपतपुर में लावारिस मिली बच्ची को
भभुआ सदर : कहा जाता है कि जिसका कोई नहीं होता उसका ऊपरवाला होता है. कुछ इसी प्रकार से मोहनिया के भोपतपुर गांव में 22 सितंबर 2017 को लावारिस हालत में मिली पांच माह की बच्ची को भी धरती पर प्यार भरी ममता का छांव जरूर मिल गया. शुक्रवार को चेनई से आये एक दंपती ने कैमूर जिले के विशिष्ट दत्तक संस्थान पहुंच कर उक्त पांच माह की बच्ची को अडॉप्ट करते हुए उसे अपना नाम दे दिया.
गौरतलब है कि चेन्नई निवासी व निःसंतान सुंदरा राजेश जो कि चेन्नई स्थित एक फर्म में चार्टड अकाउंटेंट हैं. वह शुक्रवार को अपनी पत्नी श्रीविद्या के साथ भभुआ पहुंचे और विशिष्ट दत्तक संस्थान में पल रही पांच माह की बच्ची को अपनाया. सुंदरा राजेश का कहना था कि उनकी शादी 2008 में हुई थी. लेकिन, उन्हें कोई संतान नहीं हुआ. इसके बाद उन्हें इंटरनेट पर उपलब्ध केंद्रीय दत्तक ग्रहण संस्थान प्राधिकरण के वेबसाइट से जानकारी मिली कि कैमूर के विशिष्ट दत्तक संस्थान से उन्हें एक बच्ची गोद मिल सकती है. इसके बाद उन्होंने इसके लिए प्रयास शुरू किया.
इसका नतीजा हुआ कि जल्द ही उन्हें कैमूर से बच्ची को गोद लेने का बुलावा भेजा गया. इसके बाद शुक्रवार को दोनों पति पत्नी चेन्नई से भभुआ पहुंचे और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद कैमूर स्थित विशिष्ट दत्तक संस्थान के को-आर्डिनेटर शंभुशंकर पांडेय द्वारा कागजी खानापूर्ति कर लावारिस मिली और पल रही पांच माह की बच्ची को दंपती को सौंप दिया. बच्ची मिलने के बाद दोनों पति-पत्नी फुले नहीं समायी.
महिला श्री विद्या ने तो बच्ची को गोद में लेते ही उसका नाम देविका रख दिया. चेन्नई से बच्ची को गोद लेने आये दोनों पति-पत्नी से लड़के की जगह लड़की को ही गोद लेने के बारे में जब उनसे पूछा गया तो दोनों ने कहा कि बच्चियां बहुत सहनशील व मां-बाप के प्रति वफादार होती हैं. महिला ने खुशी जाहिर करते हुए अपने को सहज महसूस करने की बात कही.
