कैथी की ज्योति कुमारी के दो दिनों के शौच का सेंपल जांच के लिए भेजा जायेगा बेंगलुरु
मोहनिया सदर : नदी के तट पर स्थित मोहनिया प्रखंड की कटराकला पंचायत के कैथी गांव में पोलियो ग्रसित बच्चा के मिलने की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया. इसकी सूचना वहां की आशा ने डब्ल्यूएसएचओ के पदाधिकारी को दी थी. सूचना मिलते ही डब्ल्यूएसएचओ के मॉनीटर चंद्रभूषण सहाय के साथ अनुमंडलीय अस्पताल के वरीय चिकित्सा पदाधिकारी डॉ चंदेश्वरी रजक कैथी पहुंचे.
डॉ रजक ने बताया कि बाके बिहारी की सवा वर्ष की बेटी ज्योति कुमारी की गर्दन एक तरफ को लटकी हुई थी, जिसको देखने से प्रथमदृष्टया ऐसा प्रतीत हो रहा था कि उसमें लकवा का असर है. इसको पोलियो नहीं कहा जा सकता है. फिर भी जांच के लिए उसके स्थूल (मल) का सेंपल लिया जायेगा, जिसे जांच के लिए बेंगलुरु भेजा जायेगा. पहला सेंपल को सुरक्षित रखने के लिए वैक्सीन कैरियर को उसके पिता को दे दिया गया है. सेंपल को कैसे रखना है
इसके लिए विधिवत समझा दिया गया है. पहले दिन का कलेक्ट सेंपल को ले जाने के लिए भभुआ से कर्मचारी पीड़ित के घर जायेंगे. दूसरा सेंपल पहलेवाले के बाद 24 घंटा पर लिया जायेगा. उसको भी वैक्सिन कैरियर में रख कर भभुआ पहुंचाया जायेगा. दोनों सेंपलों को वैक्सीन कैरियर बदल कर कूल चेनमेंट करते हुए जांच के लिए बेंगलुरु भेजा जायेगा. जांच रिपोर्ट आने के बाद ही इस पर कुछ कहा जा सकता है.
रोग से ग्रसित बच्ची को बार-बार प्यास लगने के साथ शौच हो रहा था, जिससे उसका मलद्वार भी बिल्कुल लाल हो गया था. उसका इलाज भी परिजन निजी अस्पताल में करा रहे हैं. उसको साफ-सफाई रखने के साथ उबाले हुए पानी को ठंडा करके देने के साथ विटामिन की दवा देने के लिए लिखा गया है. साथ ही उसके घरवालों को कहा गया है कि बच्ची के शौच को तुरंत गड्ढा में डाल कर ढंक दें, जिससे शौच में शामिल वायरस इधर-उधर न फैल सके. क्योंकि, जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पायेगा कि लकवा है या पोलियो के लक्षण है. तब तक सावधानी बरतना आवश्यक है
