भूमिहीनों को घर व शौचालय के निर्माण के लिए मिलेगी जमीन

पानापुर पंचायत में बजती है स्वच्छता की सीटी मोहनिया सदर : प्रखंड के वैसे गरीबों के दिन अब बदलने वाले हैं, जिनका घर नहीं है या भूमिहीन हैं. जमीन के अभाव में न तो घर बना पा रहे हैं और न ही शौचालय. वैसे लोगों को घर बनाने के लिए सरकारी जमीन आवंटित की जायेगी, […]

पानापुर पंचायत में बजती है स्वच्छता की सीटी
मोहनिया सदर : प्रखंड के वैसे गरीबों के दिन अब बदलने वाले हैं, जिनका घर नहीं है या भूमिहीन हैं. जमीन के अभाव में न तो घर बना पा रहे हैं और न ही शौचालय. वैसे लोगों को घर बनाने के लिए सरकारी जमीन आवंटित की जायेगी, जिसमें घर के साथ वह शौचालय का भी निर्माण करेंगे. मंगलवार को खुले में शौच (ओडीएफ) को लेकर बीआरजीएफ में आयोजित बैठक में एसडीएम शिव कुमार राउत ने यह घोषणा की. कुछ पंचायतों के मुखिया ने एसडीएम से यह सवाल किया कि क्षेत्र में बहुत से ऐसे लोग हैं, जिनके पास जमीन बिल्कुल नहीं है. सरकारी जमीन पर किसी तरह झोंपड़ी डाल कर अपना गुजारा कर रहे हैं. जमीन के अभाव में पीएम आवास योजना का लाभ तक उन गरीबों को नहीं मिल पा रहा है. वह शौचालय का निर्माण कहां और कैसे कर सकते हैं.
इस पर एसडीएम ने सभी मुखियाओं को निर्देश दिया कि आम सभा कर ऐसे लोगों की सूची तैयार कर हमें व सीओ को दें. ऐसे लोगों को घर के साथ शौचालय निर्माण के लिए जमीन दी जायेगी. इस समस्या को सबसे पहले बम्हौरखास पंचायत के मुखिया बुल्लू राम ने उठाते हुए कहा कि बम्हौरखास के वार्ड छह में 50 फीसदी ऐसे दलित वर्ग के लोग रहते हैं, जिनके पास जमीन बिल्कुल नहीं है.
और वहां एक भी शौचालय नहीं है. इसी प्रकार अकोढ़ीमेला पंचायत के मुखिया लल्लन पासी ने कहा कि ओडीएफ कार्य से जुड़ा कार्यालय पांच बजे बंद होता है. लेकिन, कार्य रात नौ बजे तक होता है. उनका इशारा कुछ खास लोगों की तरफ था, जो शौचालय की राशि आसानी से अपने चहेते लाभुकों के खातों में डलवा लेते हैं
इस पर बीडीओ अरुण सिंह ने कहा कि रात नौ बजे तक तो क्या जरूरत पड़ी तो पूरी रात काम होगा. बीडीओ ने स्पष्ट तौर पर कहा कि शौचालय के प्रोत्साहन राशि के लिए जमा किये जानेवाले आवेदन फॉर्म पर मुखिया व उस वार्ड के सदस्य का संयुक्त हस्ताक्षर रहने के बाद ही उस लाभुक के खाते में प्रोत्साहन राशि भेजी जायेगी. डंडवास पंचायत के मुखिया राजेश प्रसाद ने कहा कि हम कई लाभुकों का फॉर्म जमा किये हैं. लेकिन, राशि नहीं मिली. इस पर बीडीओ ने कहा कि तब तक प्रोत्साहन राशि लाभुकों को नहीं मिलेंगी, जब तक एक वार्ड पूरा ओडीएफ घोषित नहीं हो जाता है.
वहीं, पानापुर पंचायत पहले ही ओडीएफ घोषित हो चुका है. इस दौरान एसडीएम ने मुखिया प्रतिनिधि दयानंद राम की सराहना करते हुए कहा कि पानापुर पंचायत सबसे अच्छा है. वहां के लोग गलती से भी सड़क किनारे शौच न करें. इसके लिए सुबह व शाम स्वच्छता की सीटी बजाती है. यदि कोई सड़क पर भूल से भी शौच करते नजर आया तो उसका हाथ पकड़ कर उठा देते हैं. एसडीएम ने कहा कि 30 अक्तूबर तक मोहनिया प्रखंड सहित नगर पंचायत को पूरी तरह ओडीएफ घोषित कर देना है. बैठक में बीइओ अनंत सिंह, बीएओ गणेश सिंह, मनरेगा पीओ संजय कुमार, स्वच्छता समन्वयक अजय कुमार राम सहित सभी कर्मी व मुखिया उपस्थित थे.
ऐसे नहीं चलेगी बीडीओगिरी : एसडीएम
नुआंव. मंगलवार को एसडीएम शिव कुमार राउत ओडीएफ की बैठक को लेकर प्रखंड कार्यालय पहुंचे, तो यहां की स्थिति देख व सुन कर वह अचंभित रह गये. मनरेगा पीओ बिना सूचना के ही मुख्यालय से गायब मिले.
एसडीएम ने पीओ से फोन पर बात की, तो उन्होंने बताया कि हम डीडीसी से अवकाश लिये हैं. एसडीएम ने डीडीसी से बात की तो डीडीसी ने कहा कि हमें इसकी कोई जानकारी नहीं है. इतना सुनते ही एसडीएम ने पीओ को फोन पर जम कर फटकार लगायी और डीएम को कार्रवाई के लिए पत्र लिखने की बात कही.
इसके बाद मुख्यालय से बाहर रहे बीडीओ को फोन कर फटकार लगाते हुए एसडीएम ने कहा ऐसे नहीं चलेगी बीडीओ गिरी. आप के मुख्यालय में नहीं रहने से पूरा प्रशासनिक कार्य बाधित है. अकेले सीओ क्या करेंगे. इसके बाद उपस्थित सभी मुखिया को एसडीएम ने सख्त शब्दों में कहा आपलोग ओडीएफ को लेकर पूरी तरह तैयार हो जायें. युद्ध स्तर पर शौचालय का निर्माण करा 30 अक्तूबर तक प्रखंड को ओडीएफ कर देना है.

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