फर्जी अफसर, पुलिस की वर्दी और नकली सर्टिफिकेट! पटना में नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले जीजा-साला गिरफ्तार

पटना पुलिस ने सचिवालय में खुद को अधिकारी बताकर लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा देने वाले जीजा-साले को गिरफ्तार किया है. यह गिरोह नकली सर्टिफिकेट और वर्दी का इस्तेमाल कर लोगों को ठग रहा था.

Fake Job Recruitment पटना सचिवालय में फर्जी पदाधिकारी बनकर लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा देने वाले दो लोगों को पटना पुलिस ने गुरुवार को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार दोनों युवकों की पहचान जीजा-साले के रूप में हुई है. पूरे मामले की जानकारी देते हुए सेंट्रल एसपी ममता कल्याणी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी अजय खुद को स्वास्थ्य विभाग का अनुभाग अधिकारी (Section Officer-SO) बताता था, जबकि उसने अपने साले राज कुमार को पुलिस कांस्टेबल बना रखा था. दोनों मिलकर लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा देते थे, ताकि पूरा मामला लोगों को वास्तविक लगे.

सचिवालय में नौकरी का फर्जी खेल

सेंट्रल एसपी ममता कल्याणी ने बताया कि समाज कल्याण विभाग के सहायक प्रशाखा पदाधिकारी राजनाथ सिंह को जब इस मामले की जानकारी मिली तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी. उन्होंने बताया कि उनके कैंपस के बरामदे में एक व्यक्ति ने CDPO बहाली से संबंधित बैनर लगा रखा था और वीडियो कॉल के जरिए किसी से बातचीत कर रहा था.

सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल सक्रिय हुई और मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। जांच के दौरान पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ. पुलिस ने मामले में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है. पटना में फर्जी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले जीजा-साला के पास से पुलिस की वर्दी और फर्जी सर्टिफिकेट भी मिले हैं. जिन पर IAS एस. सिद्धार्थ और आनंद किशोर के फर्जी सिग्नेचर थे.

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सचिवालय में नौकरी का फर्जीवाड़ा

बरामद सामान के आधार पर पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों आरोपियों ने कितने लोगों से नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लिए या उनके साथ ठगी की. पुलिस ठगी के इस मामले से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है. फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है.इस संबंध में पत्रकारों से बातचीत करते हुए पटना सेंट्रल एसपी ममता कल्याणी ने बताया कि समाज कल्याण विभाग के सहायक प्रशाखा पदाधिकारी राजनाथ सिंह ने पुलिस को सूचना दी थी कि उनके कैंपस के बरामदे में एक व्यक्ति ने CDPO बहाली से संबंधित बैनर लगा रखा है और वीडियो कॉल के जरिए लोगों का इंटरव्यू ले रहा है.

फर्जी आईकार्ड से खुली पोल

सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और संबंधित व्यक्ति से पूछताछ की. उसने खुद को स्वास्थ्य विभाग का प्रशाखा पदाधिकारी बताया. हालांकि, उसके आईकार्ड समेत अन्य दस्तावेजों की जांच और सत्यापन किया गया तो वह फर्जी पाया गया. पुलिस ने इसके बाद आरोपी के साले को भी गिरफ्तार कर लिया. पुलिस के अनुसार, आरोपी का साला पुलिस कांस्टेबल की वर्दी पहनकर लोगों के बीच उसकी पहचान को वास्तविक दिखाने और ठगी की वारदात में उसका सहयोग कर रहा था.


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By Rajeshkumar Ojha

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