जहानाबाद. अमर शहीद जगदेव प्रसाद सदर अस्पताल में इलाज के दौरान 22 वर्षीय युवती की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया. मृतका की पहचान काको प्रखंड निवासी सलमा खातून उर्फ रानी के रूप में हुई है. परिजनों ने अस्पताल की नर्स और स्वास्थ्यकर्मियों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है.
सीवियर एनीमिया और सांस की परेशानी के बाद कराया गया था भर्ती
परिजनों के अनुसार सलमा खातून को सीवियर एनीमिया और सांस लेने में गंभीर परेशानी के कारण सुबह करीब पांच बजे सदर अस्पताल लाया गया था. अस्पताल पहुंचने के बाद उसकी स्थिति को देखते हुए उसे ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया था.
परिजनों का कहना है कि भर्ती के कुछ समय तक युवती को होश था, लेकिन अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने लगी.
परिजनों ने ऑक्सीजन हटाने का लगाया आरोप
मृतका के भाई और अन्य परिजनों ने आरोप लगाया कि हालत खराब होने पर वे ऑन-ड्यूटी नर्स को बुलाने गए, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई. परिजनों का दावा है कि नर्स ने दुर्व्यवहार किया और मरीज के नाक से ऑक्सीजन सपोर्ट हटा दिया.
परिजनों के अनुसार ऑक्सीजन हटने के कुछ ही देर बाद युवती की मौत हो गई. घटना के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों ने विरोध जताया और पूरे मामले का वीडियो होने का दावा किया.
डॉक्टर ने आरोपों को बताया गलत, दी मरीज की स्थिति की जानकारी
वहीं सदर अस्पताल के ऑन-ड्यूटी डॉक्टर डॉ. आफताब आलम ने परिजनों के आरोपों को खारिज किया है. उन्होंने बताया कि मरीज को अस्पताल लाने के समय ही उसकी हालत काफी गंभीर थी.
डॉक्टर के अनुसार युवती का ऑक्सीजन सेचुरेशन स्तर काफी कम था और ब्लड प्रेशर भी खतरनाक स्थिति में पहुंच चुका था. भर्ती के तुरंत बाद उसे ऑक्सीजन सपोर्ट और जरूरी प्राथमिक उपचार दिया गया था.
गंभीर हालत में अचानक मौत की संभावना : डॉक्टर
डॉ. आफताब आलम ने कहा कि ऐसी गंभीर स्थिति वाले मरीजों में अचानक मौत की संभावना बनी रहती है. उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी प्रशिक्षित नर्स जानबूझकर मरीज का ऑक्सीजन सपोर्ट नहीं हटाएगी.
उन्होंने बताया कि जब वे मरीज की जांच करने पहुंचे थे, तब भी ऑक्सीजन लगा हुआ था. फिलहाल मामले को लेकर परिजनों के आरोप और अस्पताल प्रशासन के पक्ष के बीच जांच की स्थिति बनी हुई है.
