Jehanabad News : जहानाबाद समाहरणालय स्थित ग्राम प्लेक्स भवन में जिला अवर निबंधक की ओर से जिले के डीड राइटर्स एवं अधिवक्ताओं के लिए पेपरलेस इ-निबंधन प्रक्रिया पर प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला में डिजिटल माध्यम से पेपरलेस निबंधन की संपूर्ण प्रक्रिया की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गयी.
इ-निबंधन पोर्टल के हर चरण की दी जानकारी
कार्यशाला के दौरान जिला निबंधन कार्यालय द्वारा उपलब्ध कराये गये इ-निबंधन पोर्टल के प्रत्येक चरण की जानकारी क्रमवार दी गयी. इसमें दस्तावेज का प्रकार, विक्रेता एवं क्रेता की जानकारी, जमीन का विवरण, भू-संपत्ति की जानकारी, भुगतान का मद, चेक स्टांप निर्गत करने, दस्तावेज के संदर्भ की प्रविष्टि, प्रभावी मुद्रांक एवं निबंधन शुल्क जमा करने की प्रक्रिया समझायी गयी. इसके अलावा ओटीपी एवं ई-साइन के माध्यम से दस्तावेज निष्पादन और नियुक्ति लेने की प्रक्रिया से भी प्रतिभागियों को अवगत कराया गया.
पेपरलेस का मतलब कागजी दस्तावेज बंद होना नहीं
इस दौरान विशेष रूप से स्पष्ट किया गया कि पेपरलेस का अर्थ यह नहीं है कि निबंधन के बाद आमजनों को कागजी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया जाएगा. पेपरलेस व्यवस्था का उद्देश्य मुख्य रूप से विभागीय प्रक्रिया और सरकारी अभिलेखों को डिजिटल बनाना है. निबंधन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित पक्षकारों को दस्तावेज की प्रति पूर्ववत उपलब्ध करायी जाती रहेगी. डिजिटल व्यवस्था से निबंधन प्रक्रिया को अधिक सरल, सुरक्षित, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाया गया है.
सेवा प्रदाताओं की भूमिका महत्वपूर्ण
कार्यशाला में डीड राइटर्स एवं अधिवक्ताओं को सेवा प्रदाता के रूप में उनकी भूमिका और जिम्मेदारियों के बारे में भी विस्तार से बताया गया. उन्हें बताया गया कि नई डिजिटल व्यवस्था में भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण बनी रहेगी. वे आमजनों को दस्तावेज तैयार करने, पोर्टल की प्रक्रिया समझने और निबंधन से संबंधित आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करेंगे.
शंकाओं का किया गया समाधान
उपस्थित सेवा प्रदाताओं द्वारा पूछे गये प्रश्नों और शंकाओं का समाधान करते हुए पेपरलेस निबंधन प्रक्रिया के विभिन्न चरणों को व्यावहारिक रूप से समझाया गया. साथ ही सभी सेवा प्रदाताओं से इ-निबंधन के माध्यम से निबंधन की प्रक्रिया को तेज गति से आगे बढ़ाने, नई डिजिटल व्यवस्था से जुड़ने और पेपरलेस निबंधन को प्रभावी रूप से लागू करने में सक्रिय सहयोग देने की अपील की गयी. कार्यशाला के अंत में डीड राइटर्स एवं अधिवक्ताओं ने नई डिजिटल व्यवस्था के अनुरूप निबंधन कार्य में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया.
