Jehanabad News: जिले के घोसी थाना क्षेत्र में पुलिस के बढ़ते दबाव और लगातार जारी ताबड़तोड़ छापेमारी के आगे आखिरकार जिले के टॉप-10 कुख्यात अपराधियों में शामिल रंजीत बिंद ने घुटने टेक दिए. पुलिस की गिरफ्तारी के खौफ से घबराकर उसने न्यायालय में पहुंचकर आत्मसमर्पण (सरेंडर) कर दिया. वह मूल रूप से घोसी थाना क्षेत्र के कोरमा गांव का निवासी है और लंबे समय से पुलिस की पकड़ से फरार चल रहा था.
मिनी गन फैक्ट्री, लूट और डकैती जैसे संगीन मामले दर्ज
पुलिस सूत्रों के अनुसार, रंजीत बिंद घोसी इलाके में आपराधिक गतिविधियों का एक प्रमुख चेहरा बन चुका था. उसके खिलाफ घोसी थाने में अवैध मिनी गन फैक्ट्री संचालित करने, लूट और डकैती जैसी कई गंभीर व संगीन धाराओं के तहत तीन प्रमुख आपराधिक मामले दर्ज हैं. इन सभी मामलों में पुलिस उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही थी और वह लगातार अपनी पहचान छिपाकर ठिकाने बदल रहा था.
पुलिस की बढ़ती दबिश के बाद न्यायालय में किया आत्मसमर्पण
घोसी थाना पुलिस ने जिले के टॉप-10 अपराधियों की सूची बनाकर उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान छेड़ रखा है. इसी क्रम में रंजीत बिंद के संभावित ठिकानों पर पुलिस की टीमें दिन-रात दबिश दे रही थीं. रिश्तेदारों और नजदीकी सहयोगियों के ठिकानों पर लगातार हो रही छापेमारी के बाद उस पर कानूनी शिकंजा कसता जा रहा था. अंततः गिरफ्तारी के भय और पुलिस के कड़े रुख को देखते हुए उसने न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण करने में ही अपनी भलाई समझी.
पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी
कुख्यात रंजीत बिंद के सरेंडर करने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली है. अब पुलिस उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ करने तथा उसके खिलाफ दर्ज मामलों में त्वरित कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है. पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि इलाके में अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी और अन्य फरार अपराधियों को भी जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाएगा.
