जहानाबाद अंधेरे में डूबा, 8 करोड़ की स्ट्रीट लाइट योजना छह महीने बाद भी फाइलों में कैद; 33 वार्डो में अंधेरा, नहीं खरीदी गई LED लाइट

जहानाबाद नगर परिषद की 8 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी एलईडी स्ट्रीट लाइट योजना छह महीने बाद भी धरातल पर नहीं उतर सकी है. फरवरी में टेंडर जारी होने के बावजूद एजेंसी का चयन न होने से शहर की सड़कें अंधेरे में डूबी हैं. योजना के ठप पड़ने से लोग नाराज हैं.

Jehanabad News : जहनाबाद नगर परिषद की महत्वाकांक्षी 8 करोड़ रुपये की एलईडी स्ट्रीट लाइट योजना छह महीने बाद भी धरातल पर नहीं उतर सकी है. फरवरी में टेंडर जारी होने के बावजूद अब तक एजेंसी का चयन नहीं हुआ है, जिससे शहर की सड़कें और 33 वार्ड अंधेरे में डूबे हुए हैं. लाइट खरीद का मुद्दा नगर परिषद की कई बोर्ड बैठकों में हंगामे की वजह बन चुका है, लेकिन अब तक स्थिति जस की तस बनी हुई है.

फरवरी में निकला था टेंडर, एजेंसी का अब तक नहीं हुआ चयन

नगर परिषद ने शहर के सभी 33 वार्डों में नई एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए फरवरी 2026 में चार चरणों में करीब 8 करोड़ रुपये की निविदा निकाली थी. 6 से 13 मार्च तक आवेदन लिए गए और 14 मार्च को तकनीकी प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन छह महीने बीतने के बाद भी फाइनेंशियल बिड पूरी नहीं हो सकी और एजेंसी को वर्क ऑर्डर जारी नहीं किया गया.

सड़क से लेकर मोहल्लों तक पसरा अंधेरा

नई लाइटें नहीं लगने और पुरानी खराब लाइटों की मरम्मत नहीं होने से शहर की मुख्य सड़कें, गलियां और अधिकांश वार्ड रात में अंधेरे में डूबे रहते हैं. कई जगह बिजली के पोल पर लगे एलईडी बल्ब खराब हैं या पूरी तरह गायब हो चुके हैं, जिससे लोगों को रात में आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

चार महीने में पूरा होना था काम

नगर परिषद की शर्तों के अनुसार एजेंसी चयन के बाद चार महीने के भीतर सभी वार्डों में एलईडी लाइट लगाने का कार्य पूरा करना था. लेकिन अभी तक एजेंसी का ही चयन नहीं हो पाया है, जिससे पूरी योजना शुरुआती चरण में ही अटक गई है.

बोर्ड बैठकों में कई बार उठा मुद्दा

स्ट्रीट लाइट की समस्या नगर परिषद की लगभग हर बोर्ड बैठक में उठती रही है. पार्षद लगातार नई लाइट खरीदने और खराब लाइटों की मरम्मत कराने की मांग करते रहे हैं. इसके बावजूद निर्णयों का क्रियान्वयन नहीं हो सका, जिससे शहरवासियों में नाराजगी बढ़ रही है.

दुर्गा पूजा से पहले केवल कुछ जगह हुई थी मरम्मत

पिछले वर्ष दुर्गा पूजा के दौरान केवल प्रमुख पूजा पंडालों के आसपास की लाइटों की मरम्मत कराई गई थी. इसके बाद अन्य वार्डों में न तो मरम्मत हुई और न ही नई लाइटें लगाई गईं. जिन वार्डों में बड़े आयोजन नहीं होते, वहां स्थिति सबसे खराब बनी हुई है.

पांच साल में लक्ष्य की आधी लाइटें भी नहीं लगीं

नगर परिषद का दावा था कि सभी वार्डों में व्यापक स्तर पर एलईडी लाइट लगाई जाएगी, लेकिन पिछले पांच वर्षों में लक्ष्य की आधी लाइटें भी नहीं लग सकीं. जो लाइटें लगाई गईं, उनमें से बड़ी संख्या अब खराब हो चुकी है या गायब है. अब तक नगर परिषद ने यह सर्वे भी नहीं कराया कि पिछले वर्षों में लगाई गई लाइटों में कितनी चालू हैं और कितनी गायब हो चुकी हैं.

मरम्मत में अनियमितता के आरोप भी लगे

2023-24 में स्ट्रीट लाइट मरम्मत कार्य के दौरान एजेंसी पर अनाप-शनाप बिल प्रस्तुत करने और लाखों रुपये के भुगतान का आरोप लगा था. विवाद के बाद भुगतान रोक दिया गया और मरम्मत कार्य भी बंद हो गया. इसके बाद से शहर में खराब लाइटों की संख्या लगातार बढ़ती गई.

उपमुख्य पार्षद बोले- जल्द होगा एजेंसी का चयन

नगर परिषद के उपमुख्य पार्षद पिंटू रजक ने बताया कि तकनीकी मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. अब फाइनेंशियल बिड की मंजूरी मिलनी बाकी है. मंजूरी मिलते ही एजेंसी का चयन कर पूरे शहर में नई एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाने का कार्य शुरू कराया जाएगा.


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By Sanjay Anurag

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