जहानाबाद : स्वामी सहजानंद महाविद्यालय में सावन महोत्सव एवं स्वतंत्रता दिवस पूर्व प्रतियोगिता संपन्न, प्रतिभाओं ने बिखेरी चमक

स्वामी सहजानंद महाविद्यालय में सावन महोत्सव और स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में रचनात्मक, सांस्कृतिक और राष्ट्रभावना से ओतप्रोत प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ. छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा से सभी का मन मोह लिया. नृत्य, गायन, मेहंदी, भाषण और नारा लेखन में उत्कृष्ट प्रदर्शन देखने को मिला.

जहानाबाद के स्वामी सहजानंद महाविद्यालय में सावन महोत्सव तथा स्वतंत्रता दिवस के पूर्व आयोजित विभिन्न रचनात्मक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रभावना से ओतप्रोत प्रतियोगिताओं में छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा, सृजनात्मकता और अभिव्यक्ति-कौशल का शानदार प्रदर्शन किया. इन आयोजनों से महाविद्यालय परिसर में लोक संस्कृति, कला, प्रकृति, देशभक्ति और रचनात्मक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला. विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने पूरे परिसर को उमंग और उल्लास से भर दिया.

सावन महोत्सव के अंतर्गत आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ सहभागिता की. नृत्य प्रतियोगिता में निर्मला कुमारी ने प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी मनोहारी प्रस्तुति से उपस्थित लोगों को प्रभावित किया. गायन प्रतियोगिता में रौशन कुमार ने प्रथम स्थान प्राप्त करते हुए अपनी सुमधुर एवं प्रभावशाली गायन प्रतिभा का परिचय दिया. वहीं मेहंदी प्रतियोगिता में अर्पणा कुमारी ने प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी कलात्मक दक्षता, कल्पनाशीलता और सृजनात्मक कौशल का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया.

सावन महोत्सव ने विद्यार्थियों को भारतीय लोक संस्कृति, प्रकृति और पारंपरिक जीवन-मूल्यों के प्रति अपने अनुराग को रचनात्मक रूप में अभिव्यक्त करने का अवसर प्रदान किया. कार्यक्रम के माध्यम से महाविद्यालय परिसर में सावन की हरियाली, लोक परंपराओं और भारतीय संस्कृति की मनोहारी छटा देखने को मिली.

इसी क्रम में स्वतंत्रता दिवस के पूर्व आयोजित भाषण एवं नारा लेखन प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने राष्ट्रप्रेम, स्वतंत्रता के महत्व, नागरिक दायित्वों तथा देश के उज्ज्वल भविष्य के प्रति अपनी भावनाओं को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया. भाषण प्रतियोगिता में चंचल कुमारी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया. उन्होंने अपने प्रभावशाली वक्तव्य के माध्यम से स्वतंत्रता के मूल्यों, नागरिक कर्तव्यों तथा राष्ट्र निर्माण में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया.

वहीं नारा लेखन प्रतियोगिता में सोनम कुमारी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया. उन्होंने अपनी सृजनात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से राष्ट्रभक्ति, स्वतंत्रता के सम्मान और देश के उज्ज्वल भविष्य की भावना को प्रभावशाली शब्दों में प्रस्तुत किया. उनकी रचनात्मक प्रस्तुति ने विद्यार्थियों में राष्ट्रीय चेतना और देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना को और प्रबल किया.

महाविद्यालय में आयोजित इन प्रतियोगिताओं का उद्देश्य विद्यार्थियों में छिपी बहुआयामी प्रतिभाओं को उचित मंच प्रदान करना, उनमें आत्मविश्वास और सृजनात्मकता का विकास करना तथा उन्हें भारतीय संस्कृति एवं राष्ट्रभावना से जोड़ना रहा. इन आयोजनों ने यह संदेश भी दिया कि शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान अर्जित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण, सांस्कृतिक चेतना, अभिव्यक्ति-कौशल, सामाजिक सरोकार और राष्ट्रीय भावना के विकास का भी महत्वपूर्ण माध्यम है.

क्या बोले प्राचार्य

महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो.(डॉ.) दीपक कुमार ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं. इनके माध्यम से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, सृजनात्मकता, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का विकास होता है. सावन महोत्सव विद्यार्थियों को अपनी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं और प्रकृति से जोड़ता है, जबकि स्वतंत्रता दिवस पूर्व आयोजित प्रतियोगिताएं उनमें राष्ट्र के प्रति सम्मान, कर्तव्यबोध और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करती हैं. उन्होंने सभी विजेता प्रतिभागियों और आयोजन से जुड़े शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि महाविद्यालय विद्यार्थियों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के लिए इस प्रकार की गतिविधियों को निरंतर बढ़ावा देता रहेगा.

इनका भी रहा योगदान

कार्यक्रम के अवसर पर भूगोल विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. स्नेहा स्वरूप, राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. प्रीति रानी, दर्शनशास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. मधु सिंह, डॉ. मनीषा प्रिया, डॉ. पूजा भारती, डॉ. स्मिति रेखा सहित महाविद्यालय के अनेक शिक्षक उपस्थित रहे. शिक्षकों की गरिमापूर्ण उपस्थिति और निरंतर प्रोत्साहन ने प्रतिभागी छात्र-छात्राओं का उत्साह बढ़ाया तथा कार्यक्रम को विशिष्ट गरिमा प्रदान की.

कार्यक्रम के सफल आयोजन में प्रतियोगिताओं की समन्वयक डॉ. सीमा कुमारी, डॉ. प्रीति रानी एवं डॉ. मधु सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही. उन्होंने प्रतिभागियों को आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करने के साथ प्रतियोगिताओं के सुचारु एवं व्यवस्थित संचालन को सुनिश्चित किया. आयोजन में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों तथा संबंधित विभागों के शिक्षकों का भी सराहनीय सहयोग रहा.

कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्राचार्य प्रो .(डॉ.) दीपक कुमार ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को मेडल एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया. सम्मान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के चेहरे पर प्रसन्नता और आत्मविश्वास स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था.

पुरस्कार वितरण के अवसर पर महाविद्यालय के वित्तेक्षक डॉ. विनोद कुमार राय, प्रो. प्रवीण दीपक, डॉ. अंशु कुमार मल्लिक,डॉ. प्रतीक दास, डॉ. वकील राय, डॉ. अमित कुमार आदि उपस्थित रहे. आयोजकों ने सभी विजेता प्रतिभागियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा अन्य विद्यार्थियों को भी अपनी प्रतिभा को पहचानने, उसे निरंतर निखारने और विभिन्न मंचों पर आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित किया.


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By Mritunjay Jehanabad

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