Jehanabad Sanitation Workers Strike: नगर परिषद में कार्यरत सफाई कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल लगातार जारी है. विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलनरत सैकड़ों सफाई मजदूरों ने सोमवार को नगर परिषद कार्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया. इस दौरान कर्मचारियों ने नगर परिषद प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को तत्काल पूरा करने की मांग की. सफाई कर्मियों के काम पर नहीं लौटने से शहर की सफाई व्यवस्था भी प्रभावित होने लगी है. कई इलाकों में कचरे का ढेर जमा होने लगा है, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
मांगों को लेकर पहले ही दिया था आवेदन
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सफाई कर्मियों के प्रतिनिधियों ने कहा कि हड़ताल शुरू करने से करीब एक सप्ताह पहले ही नगर परिषद प्रशासन और जिला स्तर के वरीय अधिकारियों को उनकी मांगों से संबंधित लिखित आवेदन सौंपा गया था. कर्मचारियों का आरोप है कि आवेदन देने के बावजूद उनकी समस्याओं को लेकर न तो कोई सकारात्मक पहल की गयी और न ही वार्ता के लिए बुलाया गया. इससे नाराज होकर कर्मचारियों को मजबूरन काम ठप कर आंदोलन शुरू करना पड़ा.
18 हजार रुपये न्यूनतम वेतन और स्थायीकरण की मांग
सफाई कर्मियों का कहना है कि वे प्रतिदिन आठ घंटे तक शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए कठिन परिस्थितियों में काम करते हैं. इसके बावजूद उन्हें पर्याप्त वेतन और जरूरी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं. कर्मचारियों ने कम से कम 18 हजार रुपये प्रतिमाह न्यूनतम वेतन देने के साथ लंबे समय से सेवा दे रहे सफाई मजदूरों के स्थायीकरण की मांग की है.
पीएफ की कटौती का पारदर्शी हिसाब मांगा
कर्मचारियों ने वेतन से काटी जाने वाली पीएफ राशि को लेकर भी सवाल उठाये हैं. उनका कहना है कि पीएफ के नाम पर राशि की कटौती की जाती है, लेकिन खाते में जमा होने और पूरी राशि का स्पष्ट विवरण कर्मचारियों को नहीं मिलता. कर्मियों ने कटौती की गयी पीएफ राशि का पारदर्शी हिसाब उपलब्ध कराने और उसे संबंधित खातों में जमा कराने की मांग की है.
मास्क, ग्लव्स और गमबूट समेत सुरक्षा उपकरण की मांग
सफाई कर्मियों ने काम के दौरान सुरक्षा के लिए मास्क, ग्लव्स, गमबूट समेत अन्य जरूरी सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने की मांग की है. उनका कहना है कि नालियों, कूड़े-कचरे और गंदगी के बीच काम करने के कारण संक्रमण और दुर्घटना का खतरा बना रहता है. कर्मचारियों ने सभी सफाई कर्मियों को स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना बीमा और जीवन बीमा का लाभ देने की भी मांग की है.
पहचान पत्र जारी करने की भी मांग
इसके अलावा सभी कर्मचारियों को नगर परिषद की ओर से आधिकारिक पहचान पत्र जारी करने की मांग की गयी है. कर्मचारियों का कहना है कि ड्यूटी के दौरान किसी दुर्घटना या आपात स्थिति में पहचान सुनिश्चित करने के लिए आधिकारिक पहचान पत्र जरूरी है.
लिखित समझौता होने तक हड़ताल जारी रखने की चेतावनी
सफाई कर्मियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक नगर परिषद प्रशासन उनकी मांगों पर लिखित समझौता कर ठोस कार्रवाई नहीं करता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी. कर्मचारियों के काम से दूर रहने के कारण शहर के विभिन्न मोहल्लों और मुख्य सड़कों पर कचरा जमा होने लगा है. इससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. अब नगर परिषद प्रशासन के सामने सफाई व्यवस्था बहाल करने के साथ सफाई कर्मियों की मांगों का समाधान कराने की चुनौती है.
