जहानाबाद सदर अस्पताल में अवैध वसूली का वायरल वीडियो निकला दो साल पुराना, पुलिस ने जारी किया स्पष्टीकरण

Jahanabad hospital viral video: जहानाबाद सदर अस्पताल से जुड़ा एक दो साल पुराना वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे अस्पताल प्रशासन की किरकिरी हो रही है. पुलिस ने जांच के बाद स्थिति स्पष्ट की है और बताया है कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति अस्पताल का कर्मचारी नहीं है.

Jahanabad hospital viral video: मीडिया और विभिन्न न्यूज चैनलों पर शुक्रवार को "अमर शहीद जगदेव प्रसाद सदर अस्पताल, जहानाबाद" के एक कर्मी द्वारा मरीजों से पैसे लिए जाने का वीडियो तेजी से वायरल होने के बाद अस्पताल प्रशासन और जिला प्रशासन की किरकिरी होने लगी. मामले की गंभीरता को देखते हुए जहानाबाद पुलिस ने शनिवार को आधिकारिक बयान जारी कर वायरल वीडियो को लेकर स्थिति स्पष्ट की है.

पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार वायरल वीडियो की जांच कराई गई. जांच में सामने आया कि वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्ति का नाम विकास कुमार है, जो कड़ौना, जहानाबाद के निवासी हैं. वह सदर अस्पताल के सरकारी कर्मचारी नहीं हैं, बल्कि POCT कंपनी में लैब टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत हैं.

दो साल पुराना है वायरल वीडियो

पुलिस की प्राथमिक जांच में यह भी पता चला है कि वायरल हो रहा वीडियो लगभग दो वर्ष पुराना है. यह वीडियो विकास कुमार की चचेरी बहन ने बनाया था और उसी के द्वारा इसे सोशल मीडिया पर वायरल किया गया. पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस वीडियो का वर्तमान समय में सदर अस्पताल की व्यवस्था से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है.

अस्पताल अधीक्षक ने मांगा जवाब

सदर अस्पताल के अधीक्षक डॉ. चंद्र शेखर प्रसाद ने कहा कि अस्पताल में किसी भी मरीज से अवैध वसूली को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो पुराना है और इसमें दिख रहा व्यक्ति अस्पताल का स्थायी कर्मचारी नहीं है. इसके बावजूद POCT कंपनी से इस मामले में जवाब-तलब किया जाएगा तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सीसीटीवी निगरानी और अन्य व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ किया जाएगा.

लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया

वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों के बीच मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली. कुछ लोगों का कहना है कि अस्पताल में पहले भी पैसे मांगने की शिकायतें सामने आती रही हैं, इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. वहीं कुछ मरीजों के परिजनों ने कहा कि पुराने वीडियो को वर्तमान संदर्भ में वायरल कर अस्पताल की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे आम मरीजों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है.

विभाग से मांगा गया स्पष्टीकरण

इस मामले को लेकर असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, जहानाबाद ने संबंधित विभाग से स्पष्टीकरण मांगा है. विभाग से लिखित जवाब प्राप्त होने के बाद आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.

अफवाहों से बचने की अपील

जहानाबाद पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी वीडियो अथवा खबर को बिना सत्यापन के सोशल मीडिया पर साझा न करें. पुलिस ने कहा कि अपुष्ट सूचनाओं के प्रसार से भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती है और प्रशासनिक संस्थाओं की छवि भी प्रभावित होती है.


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लेखक के बारे में

Author: Ashwini kumar

Published by: Nikhil Anurag

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