पटना-गया रेलखंड पर सप्ताह में दो-तीन यात्री हो रहे घायल, गेट पर बैठकर यात्रा पड़ रही भारी

पटना-गया रेलखंड पर ट्रेनों के गेट पर बैठकर यात्रा करना यात्रियों के लिए खतरनाक हो गया है. यात्री न केवल गिरकर घायल हो रहे हैं, बल्कि मोबाइल झपटमार गिरोह का भी शिकार बन रहे हैं. आरपीएफ की जागरूकता के बावजूद ये आदतें नहीं सुधर रही हैं.

जहानाबाद: पटना-गया रेलखंड पर ट्रेनों के गेट पर बैठकर यात्रा करना यात्रियों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है. गेट पर बैठकर सफर करने वाले यात्री जहां कई बार ट्रेन से गिरकर घायल हो रहे हैं, वहीं मोबाइल झपटमार गिरोह भी उन्हें अपना निशाना बना रहा है.

इसके बावजूद कई यात्री ट्रेनों के गेट और पायदान पर बैठकर यात्रा करने से बाज नहीं आ रहे हैं. आरपीएफ की ओर से लगातार जागरूकता अभियान चलाकर यात्रियों से सुरक्षित यात्रा करने की अपील की जा रही है, लेकिन इसका खास असर देखने को नहीं मिल रहा है.

हर सप्ताह दो से तीन यात्री हो रहे घायल

पीजी रेलखंड पर इन दिनों ट्रेन से गिरकर घायल होने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ गई है. बताया जाता है कि सप्ताह में दो से तीन यात्री ट्रेन से गिरकर घायल हो रहे हैं.

इनमें अधिकांश यात्री ऐसे होते हैं, जो ट्रेन के गेट पर बैठकर यात्रा कर रहे थे. लगातार हो रही घटनाओं के बाद भी कई यात्री अपनी आदत बदलने को तैयार नहीं हैं.

गेट पर मोबाइल चलाने वाले यात्री झपटमारों के निशाने पर

पटना-गया रेलखंड पर मोबाइल झपटमार गिरोह भी सक्रिय है. हर महीने मोबाइल झपटने के कई मामले सामने आते हैं.

कुछ मामलों में यात्री जीआरपी थाने में शिकायत दर्ज कराते हैं, जबकि कई घटनाओं में शिकायत दर्ज नहीं हो पाती है.

झपटमार गिरोह खासकर उन यात्रियों को निशाना बनाते हैं, जो ट्रेन के गेट पर बैठकर मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं. कई बार गिरोह के सदस्य बांस या अन्य सामान के सहारे यात्री के हाथ पर प्रहार कर मोबाइल नीचे गिरा देते हैं.

वहीं, ट्रेन के स्टेशन से खुलने के समय गेट पर बैठे यात्रियों से मोबाइल छीनकर आरोपी फरार हो जाते हैं.

जागरूकता अभियान के बाद भी नहीं सुधर रही आदत

यात्रियों की सुरक्षा को लेकर आरपीएफ समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाता है. यात्रियों को ट्रेन के गेट, पायदान और छत पर बैठकर यात्रा करने के खतरों की जानकारी दी जाती है.

इसके बावजूद कुछ यात्री गेट पर बैठकर यात्रा को अपनी शान समझते हैं और दुर्घटना के खतरे को नजरअंदाज कर देते हैं.

क्या कहते हैं आरपीएफ इंस्पेक्टर

आरपीएफ इंस्पेक्टर प्रदीप यादव ने बताया कि यात्रियों को लगातार जागरूक किया जा रहा है कि वे ट्रेन के गेट पर बैठकर, लटककर या छत पर बैठकर यात्रा नहीं करें.

उन्होंने कहा कि इसके बावजूद कुछ यात्री गेट पर बैठकर यात्रा करते पाए जा रहे हैं. ऐसे यात्रियों को चेतावनी दी जाती है कि इस तरह की यात्रा दुर्घटना का कारण बन सकती है.

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Author: Mritunjay Jehanabad

Published by: Vivek Ranjan

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