Jehanabad News: जहानाबाद की जिला पदाधिकारी (DM) छिरिङ वाई भूटिया ने जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित ‘टीबी मुक्त भारत अभियान’ की प्रगति की समीक्षा बैठक की. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से आयोजित इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने टीबी मरीजों की पहचान (स्क्रीनिंग), ससमय उपचार, उनके परिजनों को दी जाने वाली प्रिवेंटिव दवाओं (निवारक औषधि) तथा सरकारी निश्चय (Ni-kshay) पोर्टल पर वास्तविक डेटा के समयबद्ध प्रविष्टि की बिंदुवार समीक्षा की और स्वास्थ्य अधिकारियों को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए.
टीबी मरीजों के परिजनों को शत-प्रतिशत मिले निवारक दवाएं
जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि टीबी से ग्रसित मरीजों के संपर्क में रहने वाले परिवार के सभी सदस्यों को संक्रमण से बचाव के लिए दी जाने वाली टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट (TPT) की दवाएं शत-प्रतिशत और समय पर उपलब्ध कराई जाएं. उन्होंने कहा कि दवा वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इससे संबंधित संपूर्ण विवरण को निश्चय पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड किया जाए.
अन्य आवश्यक जांचों और 'डिफरेंटीएटेड टीबी केयर' का पोर्टल पर दर्ज हो डेटा
बैठक के दौरान डीएम ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि टीबी मरीजों की टीबी के अलावा कराई जाने वाली अन्य सहायक स्वास्थ्य जांचों का पूरा रिकॉर्ड भी पोर्टल पर नियमित रूप से अपडेट किया जाए, जिससे मरीजों के स्वास्थ्य की वास्तविक स्थिति का समुचित अनुश्रवण (मॉनिटरिंग) कर उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा दी जा सके. इसके साथ ही:
- इलाजरत सभी टीबी मरीजों से संबंधित टीपीटी (TPT) और डिफरेंटीएटेड टीबी केयर (Differentiated TB Care) का डेटा शत-प्रतिशत निश्चय पोर्टल पर अपलोड किया जाए.
- अभियान के अंतर्गत संचालित सभी गतिविधियों की डेटा शुद्धता और समयबद्ध प्रविष्टि सुनिश्चित की जाए.
'लक्षण दिखते ही तुरंत हो स्क्रीनिंग, अनावश्यक न बढ़ाएं संवेदनशील आबादी की सूची'
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को हिदायत दी कि टीबी स्क्रीनिंग कार्य में किसी भी स्तर पर शिथिलता नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि जिन भी व्यक्तियों में टीबी के प्रारंभिक लक्षण दिखाई दें, उनकी अविलंब स्क्रीनिंग कराई जाए ताकि बीमारी की समय पर पहचान कर शीघ्र व सटीक उपचार शुरू किया जा सके. साथ ही उन्होंने बिना किसी ठोस आधार के संवेदनशील आबादी (Vulnerable Population) की श्रेणी में व्यक्तियों की संख्या न बढ़ाने का भी निर्देश दिया.
बैठक में शामिल रहे वरीय स्वास्थ्य व प्रशासनिक अधिकारी
इस समीक्षा बैठक में अपर समाहर्ता (विशेष कार्यक्रम), अपर समाहर्ता, सिविल सर्जन, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी तथा जिले के सभी प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे.
