Jehanabad News: जिले की प्रमुख नदियों के जलस्तर में तेजी से गिरावट आने के साथ ही जिले में जनजीवन पूरी तरह पटरी पर लौटने लगा है. हालांकि नदियां अभी भी पानी से लबालब भरी हैं, लेकिन उनका दायरा अब किनारों के भीतर सिमट चुका है और रिहायशी इलाकों में फैला बाढ़ का पानी वापस नदी में लौट गया है. शहर के निचले इलाकों, होरीलगंज, पाठक टोली और नदी किनारे बसे मोहल्लों के अधिकांश घरों से बाढ़ का पानी पूरी तरह निकल चुका है. पानी उतरते ही अपने घरों को छोड़कर रिश्तेदारों के यहां या सरकारी राहत शिविरों और स्कूलों में शरण लिए हुए परिवार अब राहत की सांस लेते हुए अपने घरों को लौटने लगे हैं.
जाफरगंज, एसएस कॉलेज और शकूराबाद पुलों पर आवागमन बहाल
जिले के सबसे प्रमुख संपर्क मार्गों में शामिल जाफरगंज पुल से वाहनों और पैदल यात्रियों की आवाजाही विधिवत रूप से चालू हो चुकी है. शनिवार तक जिस पुल पर करीब तीन फीट तक तेज धारा बह रही थी, वहां अब महज तीन से छह इंच यानी नाम मात्र का पानी बचा है. ऐसा ही सामान्य नजारा जहानाबाद शहर के एसएस कॉलेज पुल और रतनी फरीदपुर प्रखंड अंतर्गत शकूराबाद बाजार के मुख्य पुल पर भी देखने को मिल रहा है. इन सभी जलमग्न पुलों से पानी लगभग पूरी तरह उतर जाने के बाद दोपहिया, चारपहिया और व्यावसायिक वाहनों का परिचालन सामान्य हो गया है, जिससे शहर का ग्रामीण इलाकों से सीधा संपर्क बहाल हो गया है.
48 घंटे में छह फीट घटा पानी, झारखंड में बारिश थमने से मिली राहत
जल संसाधन विभाग और प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में जहानाबाद की नदियों के जलस्तर में तीन फीट तथा शुक्रवार से लेकर अब तक कुल छह फीट की उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है. जिले में उफान पर चल रहीं मोरहर, दरधा और बलदाइया नदियों में मुख्य रूप से झारखंड के जलग्रहण क्षेत्रों में होने वाली बारिश से उफान आता है. पिछले पांच दिनों से झारखंड में भारी बारिश का सिलसिला थमने के कारण ही नदियों के जलस्तर में यह तेज गिरावट संभव हो सकी है. अच्छी बात यह रही कि इस वर्ष फल्गु नदी में जलस्तर खतरे के निशान से नीचे ही बना रहा, जिससे बड़े पैमाने पर तबाही नहीं मची. हालांकि, गांवों से पानी निकलने के बावजूद जिले के दक्षिण-पश्चिम इलाके के सैकड़ों एकड़ खेतों में अब भी पानी जमा है, जिससे धान की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका है.
सोमवार से नियमित खुलेंगे बंद स्कूल, बाजारों में उमड़ी ग्राहकों की भीड़
बाढ़ के पानी के कारण पिछले कुछ दिनों से जो स्कूल पूरी तरह बंद कर दिए गए थे या जलजमाव के भय से जहां अभिभावक बच्चों को नहीं भेज रहे थे, वे सभी शैक्षणिक संस्थान अब दोबारा खोल दिए गए हैं. सोमवार से इन सभी विद्यालयों और कोचिंग संस्थानों में पठन-पाठन का कार्य पूरी तरह सुचारू हो जाएगा. इसके साथ ही मुख्य मार्गों और पुलों से आवागमन सुलभ होने के बाद जहानाबाद के मुख्य बाजारों में भी रौनक लौट आई है. पिछले कई दिनों से ग्रामीण और शहरी इलाकों के ग्राहक खरीदारी टाल रहे थे, लेकिन अब स्थिति सामान्य होते ही बाजारों में खरीदारी के लिए लोगों की चहल-पहल साफ दिखने लगी है.
पुल-पुलियों में फंसी जलकुंभी की सफाई तेज, प्रशासन रखे हुए है नजर
बाढ़ के तेज बहाव के साथ बहकर आई जलकुंभी और खरपतवार विभिन्न पुल-पुलियों के पिलरों में फंस गई थी. खान एवं भूतत्व मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार चंद्रवंशी द्वारा निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों के बाद नगर परिषद और सिंचाई विभाग के सफाई कर्मियों द्वारा इन जलकुंभियों को हटाने का काम युद्धस्तर पर किया जा रहा है. बहाव के कारण एक पुल से हटाई जा रही जलकुंभी आगे जाकर दूसरे पुल में अटक रही है, जिसे हटाने में कर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है. इधर, जलस्तर कम होने के बावजूद जिला प्रशासन स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है और झारखंड के मौसम तथा वर्षा रिपोर्ट पर लगातार अपडेट ले रहा है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके.
