रतनी (जहानाबाद) से अविनाश कुमार की रिपोर्ट
Jehananad CISF Jawan Death : प्रखंड क्षेत्र के लाखापुर गांव निवासी सीआईएसएफ जवान रौशन कुमार की हृदय गति रुकने से मौत हो गई. मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई, जबकि पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया. परिजन और ग्रामीण जवान के पार्थिव शरीर के गांव पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं. आसपास के लोग लगातार घर पहुंचकर शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधा रहे हैं.
ड्यूटी से लौटने के बाद बिगड़ी तबीयत
मृतक रौशन कुमार, दिनेश शर्मा के पुत्र थे और सीआईएसएफ में कार्यरत थे. परिजनों ने बताया कि बुधवार शाम ड्यूटी समाप्त कर वह अपने आवास पहुंचे थे. रात में भोजन करने के बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और बेचैनी महसूस होने लगी. इसके बाद उन्हें पास के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.
2016 में मिली थी नौकरी, मुंबई एयरपोर्ट पर थी तैनाती
रौशन कुमार वर्ष 2016 में सीआईएसएफ में नियुक्त हुए थे. पिछले चार वर्षों से उनकी तैनाती मुंबई एयरपोर्ट पर थी. वह अपने परिवार के एकमात्र पुत्र थे तथा उनकी दो बहनें हैं. उनके निधन से परिवार का सहारा छिन गया है.
पत्नी और पांच वर्षीय बेटे का रो-रोकर बुरा हाल
रौशन कुमार की शादी वर्ष 2018 में घोसी थाना क्षेत्र के अलीगंज गांव निवासी प्रियंका कुमारी से हुई थी. उनके एक पांच वर्षीय पुत्र रुद्र कुमार हैं. जवान की मौत के बाद पत्नी और बेटे का रो-रोकर बुरा हाल है. घटना के समय पत्नी और पुत्र उनके साथ ही थे.
मां से कहा था- जल्द घर आऊंगा
परिजनों ने बताया कि मौत से कुछ घंटे पहले ही रौशन कुमार ने अपनी मां संयुक्ता देवी, पिता दिनेश शर्मा, सास-ससुर और चचेरे भाई से फोन पर बातचीत की थी. बातचीत के दौरान उन्होंने जल्द घर आने का आश्वासन दिया था. लेकिन करीब ढाई घंटे बाद उनकी मौत की खबर ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया.
मिलनसार स्वभाव के थे रौशन
ग्रामीणों के अनुसार रौशन कुमार बेहद मिलनसार और व्यवहार कुशल व्यक्ति थे. गांव आने पर वह सभी लोगों का हालचाल लेते थे और सभी के सुख-दुख में शामिल रहते थे. उनकी असामयिक मौत से पूरे इलाके में शोक का माहौल है.
इधर, मौत की सूचना मिलते ही परिजन मुंबई के लिए रवाना हो गए हैं. गांव में लोग पार्थिव शरीर के पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं, जबकि परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है.
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