Jehanabad : पिंजौर गांव में मिले कालाजार के तीन मरीज

जिले में कालाजार ( पीकेडीएल) से प्रभावित तीन लोगों की पहचान की गयी है. जिले के सिकरिया पीएससी के पिंजौर गांव में इन रोगियों की पहचान हुई है. पिछले 3 जून से घर-घर कालाजार रोगी खोज अभियान के दौरान कालाजार प्रभावित इन रोगियों की पहचान की गयी है.

जहानाबाद

. जिले में कालाजार ( पीकेडीएल) से प्रभावित तीन लोगों की पहचान की गयी है. जिले के सिकरिया पीएससी के पिंजौर गांव में इन रोगियों की पहचान हुई है. पिछले 3 जून से घर-घर कालाजार रोगी खोज अभियान के दौरान कालाजार प्रभावित इन रोगियों की पहचान की गयी है. चिन्हित तीन मरीज पोस्ट कालाजार डर्मल लीशमैनियासिस से पीड़ित हैं. पोस्ट कालाजार डर्मल लीशमैनियासिस कालाजार के बाद की स्थिति होती है जिसमें चेहरे और शरीर के ऊपरी हिस्से पर धब्बेदार या गांठदार दाने दिखाई देते हैं. ऐसे रोगियों में कालाजार के ठीक होने के बाद दोबारा इंफेक्शन होने का खतरा रहता है, इसलिए ऐसे रोगियों में फिर से आरके 39 किट से जांच की जाती है. जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण विभाग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक वर्ष 2024 में कालाजार का एक मामला दर्ज किया गया था. पिछले 10 वर्षों में जहानाबाद जिले में कालाजार और कालाजार के बाद पीकेडीएल से प्रभावित 58 रोगी सामने आ चुके हैं. इनमें दो रोगियों की मौत भी हो चुकी है. एक रोगी की मौत 2020 जबकि एक रोगी की मौत 2014 में हुई थी. इस वर्ष अभी तक सामने आए कालाजार के ये सभी तीन मामले सदर प्रखंड के पिंजौर गांव के हैं. कालाजार उन्मूलन के तय लक्ष्य के तहत जिले में घर-घर कालाजार खोजी अभियान तीन जून से प्रारंभ की गई है. आशा कार्यकर्ताओं द्वारा बीते चार वर्षों में चिन्हित कालाजार मरीजों के घर के चारों दिशाओं में अवस्थित पचास—पचास घरों में कालाजार, पोस्ट कालाजार और एड्स पीड़ित कालाजार रोगियों की खोज की जा रही है. बताया गया है कि कालाजार रोगी खोज अभियान के दौरान सिकरिया प्रखंड के पिंजौर गांव में तीन पीकेडीएल मरीज का आरके 39 किट से जांच किया गया जिसमें इन्हें पॉजिटिव पाया गया है. बालू मक्खी द्वारा इन मरीजों को काटे जाने के बाद किसी स्वस्थ व्यक्ति को काटने पर उस स्वस्थ व्यक्ति में भी कालाजार का इन्फेक्शन पहुंच जाएगा जिससे स्वस्थ व्यक्ति भी कालाजार का मरीज बन सकता है. इन पॉजिटिव मरीजों का उपचार किया जा रहा है.

जिले में कालाजार के उन्मूलन को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा कई महत्वपूर्ण पहल की जा रही है. अब कालाजार उन्मूलन को लेकर की—इंफॉर्मर का क्षमतावर्धन किया जायेगा. की—इनफॉर्मर की श्रेणी में ग्रामीण चिकित्सक, स्थानीय दवा दुकानदार, पुराने मरीज, पंचायत प्रतिनिधि और आशा कार्यकर्ता जैसे प्रमुख लोग शामिल हैं,

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Published by: Mintu kumar

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