जहानाबाद में मोहर्रम का भव्य समापन, कर्बला में ताजिए के पहलाम के साथ दिखी अमन और भाईचारे की मिसाल

Jehanabad Muharram 2026: जहानाबाद में कर्बला में ताजिए के पहलाम के साथ मोहर्रम शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ. ताजिए का जुलूस निकला और पूरे जिले में सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे.

जहानाबाद से संजय अनुराग की रिपोर्ट
Jehanabad Muharram 2026:
जहानाबाद में कर्बला में ताजिए के पहलाम के साथ मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो गया. पूरे जिले में भाईचारे और सौहार्द के साथ लोगों ने पर्व मनाया. शहर में दूसरे दिन देर रात ताजिए का भव्य जुलूस निकाला गया. विभिन्न मोहल्लों से निकले ताजिए एक स्थान पर एकत्रित होने के बाद कर्बला पहुंचे. जहां अमन. शांति. भाईचारा और तरक्की की दुआ मांगी गई. इसके बाद ताजिए का पहलाम किया गया.

शहर के विभिन्न मार्गों से निकला भव्य ताजिए का जुलूस

ताजिए का जुलूस शहर के प्रमुख मार्गों से होकर कर्बला पहुंचा. जुलूस में बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग शामिल हुए. साथ ही हिंदू समुदाय के लोगों ने भी बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई. पूरे जुलूस के दौरान “या हुसैन” के नारों से माहौल गूंजता रहा. जुलूस में पारंपरिक सीपल का प्रदर्शन भी आकर्षण का केंद्र बना रहा.

Jehanabad Muharram 2026: कलात्मक ताजियों ने लोगों का मन मोहा

जहानाबाद के विभिन्न मुस्लिम मोहल्लों में आकर्षक और भव्य ताजिए स्थापित किए गए थे. ताजियों के निर्माण में थर्मोकोल का व्यापक उपयोग किया गया था. जिन पर सुंदर नक्काशी की गई थी. रंग-बिरंगे बल्ब और मरकरी लाइटों से ताजियों को आकर्षक रूप दिया गया था. बड़ी संख्या में महिलाएं ताजिए में धागा बांधकर जुलूस के साथ चल रही थीं. इनमें हिंदू महिलाओं की भी अच्छी भागीदारी देखने को मिली.

इमाम हुसैन की शहादत की याद में मनाया गया शोक

मोहर्रम इस्लामी हिजरी वर्ष का पहला महीना माना जाता है. इसी महीने की 10वीं तारीख को हजरत इमाम हुसैन कर्बला में शहीद हुए थे. उनकी शहादत की याद में मुस्लिम समुदाय शोक मनाता है और मोहर्रम का पर्व श्रद्धा के साथ मनाया जाता है. इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोगों ने 9 और 10 मोहर्रम का रोजा भी रखा.

मोहर्रम पर सुरक्षा के रहे व्यापक इंतजाम

मोहर्रम के दौरान जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा. जिले के संवेदनशील क्षेत्रों और प्रमुख चौक-चौराहों पर मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस बल की तैनाती की गई. कुल 138 स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था की गई थी. इसके अलावा तीन शिफ्टों में गश्ती दल लगातार निगरानी करते रहे.

कंट्रोल रूम से होती रही पूरे जिले की निगरानी

मोहर्रम के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाया गया था. जहां से पूरे जिले की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही थी. पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी को हर घंटे स्थिति की जानकारी दी जा रही थी. प्रशासन ने जुलूस में हथियार ले जाने और डीजे बजाने पर प्रतिबंध लगाया था. सोशल मीडिया पर भी विशेष निगरानी रखी गई ताकि किसी प्रकार की अफवाह न फैल सके.

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Published by: Karuna Tiwari

करुणा तिवारी पत्रकारिता में अपने करियर की शुरुआत Doordarshan Bihar के साथ की. 8 वर्षों तक टीवी और डिजिटल माध्यम में सक्रिय रहने के बाद, वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल, बिहार टीम के साथ कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. उन्हें बिहार की राजनीति, ग्राउंड रिपोर्टिंग और सामाजिक मुद्दों में विशेष रुचि है. अपने काम के प्रति समर्पित करुणा हर दिन कुछ नया सीखने और बेहतर करने की कोशिश करती हैं.

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