जहानाबाद. शहर में सड़क किनारे अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ बुधवार की सुबह प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की. अनुमंडल पदाधिकारी राजीव रंजन सिन्हा और प्रभारी कार्यपालक पदाधिकारी वीरेंद्र कुमार के निर्देश पर नगर परिषद की टीम ने बुलडोजर के साथ अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया. अभियान की शुरुआत अरवल मोड़ से हुई.
अस्पताल मोड़ तक हटाया गया अतिक्रमण
नगर परिषद की टीम ने अरवल मोड़ से अस्पताल मोड़ और राजाबाजार के बीच सड़क के दोनों ओर से अतिक्रमण हटाया. इस दौरान कई अस्थायी दुकानें, गुमटियां और दुकानों के आगे बने शेड को बुलडोजर की मदद से हटाया गया. कार्रवाई के दौरान सड़क किनारे जमा अतिक्रमण को हटाने के लिए मजदूरों और पुलिस बल की भी तैनाती की गयी थी.
पहले दी गयी थी अतिक्रमण हटाने की चेतावनी
प्रशासन के अनुसार, जिलाधिकारी छिरिड़ बाई भूटिया के निर्देश पर नगर परिषद ने पहले ही अतिक्रमणकारियों को स्वयं अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया था. इसके बाद कुछ लोगों ने अपना अतिक्रमण खुद हटा लिया, लेकिन कई लोगों ने आदेश का पालन नहीं किया. इसके बाद प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण हटाया.
बुलडोजर देखकर खुद दुकान हटाने लगे लोग
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू होते ही कई दुकानदारों और ठेला संचालकों में हड़कंप मच गया. कुछ लोगों ने बुलडोजर की कार्रवाई से पहले ही अपना सामान हटाना शुरू कर दिया. वहीं, नगर परिषद की टीम ने बाकी अतिक्रमण को बुलडोजर और मजदूरों की मदद से हटा दिया.
ठेला तोड़ने का लगाया आरोप
अभियान के दौरान कुछ ठेला वेंडरों ने अतिक्रमण हटाने वाली टीम पर सड़क किनारे लगे ठेले को तोड़ने का आरोप लगाया. बताया गया कि ठेला हटाते समय बुलडोजर की चपेट में आने से वह टूट गया. कार्रवाई के दौरान सब्जियों से भरे कई कैरेट भी जब्त किये गये.
शहर की सड़कों पर लंबे समय से अतिक्रमण
जहानाबाद शहर के कई इलाकों में सड़क किनारे अतिक्रमण की समस्या लंबे समय से बनी हुई है. पटना-गया एनएच-22 और एनएच-33 से जुड़े इलाकों में सड़क किनारे फुटपाथ की दुकानें, गुमटियां और ठेले लगाये जाते हैं. कई दुकानदारों ने अपनी दुकानों के आगे बड़े-बड़े शेड बनाकर सामान सजा रखा है.
सरकारी जमीन पर भी चल रहीं दुकानें
शहर में कई जगह सरकारी जमीन पर बालू और गिट्टी की दुकानें संचालित होने की बात सामने आती रही है. इसके अलावा सड़क किनारे गैराज, टायर रिपेयरिंग सेंटर और होटल भी खुले हुए हैं. कुछ स्थानों पर सरकारी जमीन पर लकड़ी के बोटे और एस्वेस्टर की चादरें रखी गयी हैं, जिससे सड़क की चौड़ाई प्रभावित हो रही है.
कार्रवाई के बाद फिर लौटता है अतिक्रमण
स्थानीय लोगों के अनुसार, प्रशासन जब भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करता है, उसके कुछ समय बाद दुकानदार फिर उसी जगह पर कब्जा कर लेते हैं. ऐसे में अब सवाल यह है कि बुधवार को हटाया गया अतिक्रमण कितने दिनों तक सड़क को साफ रख पाता है. अगर दोबारा अतिक्रमण हुआ तो प्रशासन को फिर से कार्रवाई करनी पड़ सकती है.
