Jehanabad News: (मृत्युंजय कुमार की रिपोर्ट) जहानाबाद जिले के मखदुमपुर प्रखंड अंतर्गत छक्कन बिगहा गांव के युवा एवं राष्ट्रीय भारोत्तोलन खिलाड़ी रौशन कुमार आज जिले के युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुके हैं. साधारण परिवार से निकलकर राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बनाने वाले रौशन कुमार का चयन खेल कोटा के माध्यम से भारतीय सेना में आर्मी अग्निवीर के रूप में हुआ है. उनकी यह सफलता वर्षों की कठिन मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास का परिणाम है.
सीमित संसाधन में कठोर परिश्रम का मिला परिणाम
रौशन कुमार, श्री चंद्र शेखर आजाद एवं श्रीमती किरण कुमारी के पुत्र हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने सपनों को कभी छोटा नहीं होने दिया. बचपन से ही खेलों के प्रति विशेष रुचि रखने वाले रौशन का झुकाव धीरे-धीरे भारोत्तोलन की ओर बढ़ा और उन्होंने इसी क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाने का संकल्प लिया. करीब छह वर्षों की निरंतर मेहनत और अभ्यास के बाद जिला स्तरीय विद्यालय खेल प्रतियोगिता में उनकी प्रतिभा पहली बार सामने आई. इसके बाद उन्होंने खेलो इंडिया सेंटर जहानाबाद स्थित आधुनिक खेल भवन-सह-व्यायामशाला में नियमित प्रशिक्षण शुरू किया.
रौशन प्रतिदिन अपने गांव छक्कन बिगहा से मखदुमपुर स्टेशन तक पहुंचते और वहां से ट्रेन के जरिए गांधी मैदान, जहानाबाद स्थित प्रशिक्षण केंद्र में अभ्यास करने आते थे. लंबी दूरी और कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने कभी अपने अभ्यास से समझौता नहीं किया.
रौशन कुमार ने बताया कि जहानाबाद जिले में उपलब्ध आधुनिक खेल भवन और सुसज्जित भारोत्तोलन प्रशिक्षण केंद्र ने उनके सपनों को नई दिशा दी. केंद्र में उपलब्ध आधुनिक उपकरण, बेहतर प्रशिक्षण वातावरण और नियमित अभ्यास की सुविधा ने उनके प्रदर्शन को लगातार बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उन्होंने कहा कि यदि जिले में ऐसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं होतीं, तो गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्राप्त करना काफी कठिन हो सकता था.
गिरीजेश कुमार के मार्गदर्शन ने दिलाई पहचान
प्रशिक्षण केंद्र के भारोत्तोलन प्रशिक्षक गिरीजेश कुमार उर्फ मनीष कुमार के मार्गदर्शन में रौशन ने अपने खेल कौशल को निखारा. प्रशिक्षक ने बताया कि शुरुआती दिनों में इतनी दूर से नियमित अभ्यास के लिए आने को लेकर चिंता थी, लेकिन रौशन का आत्मविश्वास और समर्पण हमेशा मजबूत रहा. उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति ने ही उन्हें सफलता तक पहुंचाया.
लगातार मेहनत और अभ्यास के दम पर रौशन ने जिला एवं राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के साथ-साथ कई राष्ट्रीय भारोत्तोलन प्रतियोगिताओं में पदक हासिल किए और अपनी अलग पहचान बनाई. अंततः खेल कोटा के माध्यम से भारतीय सेना में आर्मी अग्निवीर के रूप में चयनित होकर उन्होंने अपने परिवार, गांव और पूरे जहानाबाद जिले का नाम रोशन किया.
माता-पिता को दिया सफलता का श्रेय
रौशन कुमार ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, प्रशिक्षकों, जिला पदाधिकारी अलंकृता पाण्डेय, खेल विभाग, जिला खेल पदाधिकारी एवं समस्त जिला प्रशासन को दिया. उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा खिलाड़ियों को उपलब्ध कराई जा रही आधुनिक खेल सुविधाएं और प्रोत्साहन जिले के युवाओं के सपनों को नई उड़ान दे रहे.
