जहानाबाद नगर स्थित मानस इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल (दक्षिणी शाखा) के प्रांगण में विद्यार्थियों की उत्कृष्ट प्रतिभा, कड़ी मेहनत और शैक्षणिक उपलब्धियों को सम्मानित करने के उद्देश्य से भव्य 'सेलिब्रेशन ऑफ़ एक्सीलेंस' सम्मान समारोह का आयोजन किया गया. इस विशेष समारोह में 'इंटरनेशनल टैलेंट सर्च एग्जामिनेशन' (ITSE) में चयनित और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों के साथ-साथ विद्यालय की वार्षिक परीक्षाओं में उत्कृष्ट रैंक हासिल करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया.
कार्यक्रम में मानस इंटरनेशनल एजुकेशनल ग्रुप के चेयरमैन डॉ. अरुण कुमार सिन्हा, निदेशक निशांत रंजन और विद्यालय के प्राचार्य राजीव रंजन मुख्य रूप से उपस्थित रहे.
100 विद्यार्थियों को मिले मेडल, 20 को ₹1,000 के प्रोत्साहन चेक
समारोह के दौरान विभिन्न कक्षाओं के लगभग 100 प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को उनकी उपलब्धियों के लिए गोल्ड मेडल, सिल्वर मेडल, ब्रॉन्ज मेडल और प्रशस्ति पत्र (सर्टिफिकेट) प्रदान किए गए.
इसके अलावा परीक्षा में शीर्ष स्थान प्राप्त करने वाले 15 से 20 मेधावी छात्रों को विशेष प्रोत्साहन स्वरूप ₹1,000-₹1,000 के चेक प्रदान किए गए. वहीं कई अन्य बच्चों को स्मार्ट वॉच, साइंटिफिक कैलकुलेटर, कलर ड्राइंग बॉक्स सहित उपयोगी शैक्षणिक सामग्री उपहार स्वरूप दी गई.
'हर बच्चे में प्रतिभा है, जरूरत उसे सही दिशा देने की है': डॉ. अरुण कुमार
समारोह को संबोधित करते हुए ग्रुप चेयरमैन डॉ. अरुण कुमार सिन्हा ने कहा कि:
- किसी भी विद्यार्थी की सफलता केवल उसके व्यक्तिगत सम्मान की बात नहीं है, बल्कि यह पूरे परिवार, समाज और विद्यालय के लिए गर्व का क्षण होता है.
- प्रतिभा हर बच्चे के भीतर ईश्वर प्रदत्त होती है, आवश्यकता केवल उसे सही समय पर पहचानने, निखारने और सकारात्मक दिशा देने की है.
- इंटरनेशनल टैलेंट सर्च एग्जामिनेशन जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में चयन इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि अनुशासन, निरंतर अभ्यास और दृढ़ संकल्प से कठिन से कठिन लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है.
- उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे बड़े सपने देखें और उन्हें हकीकत में बदलने के लिए निरंतर परिश्रम करें.
'प्रतियोगी परीक्षाएं बच्चों में बढ़ाती हैं आत्मविश्वास': निदेशक निशांत रंजन
विद्यालय के निदेशक निशांत रंजन ने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान और पाठ्यक्रम तक सीमित रखना नहीं है, बल्कि उनका सर्वांगीण विकास कर उनकी छिपी प्रतिभा को एक बड़ा मंच प्रदान करना है. प्रतियोगी परीक्षाएं छात्रों में प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता, आत्मबल और समय प्रबंधन के कौशल को तराशती हैं. प्राचार्य राजीव रंजन ने सभी सम्मानित विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए अन्य छात्रों को भी इनसे प्रेरणा लेने का आह्वान किया.
