Jehanabad News: जिला पदाधिकारी छिरिङ वाई भूटिया ने हुलासगंज प्रखंड अंतर्गत कोकरसा पंचायत का सघन दौरा किया. कायाकल्प योजना के तहत इस पंचायत को मॉडल (आदर्श) ग्राम पंचायत के रूप में विकसित करने के लिए चयनित विभिन्न विकास योजनाओं और प्रस्तावित कार्यस्थलों का उन्होंने प्रत्यक्ष भौतिक सत्यापन किया. इन सभी योजनाओं की रूपरेखा हुलासगंज के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) तथा स्थानीय मुखिया द्वारा ग्रामीणों की जमीनी आवश्यकताओं और प्राथमिकताओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई है.
बुनियादी संरचनाओं, स्कूल और स्वास्थ्य केंद्र की जांची स्थिति
पंचायत भ्रमण के दौरान जिला पदाधिकारी ने आंगनबाड़ी केंद्र, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य उपकेंद्र, राजकीय विद्यालय, सामुदायिक भवन, ग्रामीण पीसीसी संपर्क सड़कें और गली-नाली पक्कीकरण योजनाओं का गहन मुआयना किया. डीएम ने पहले से निर्मित भवनों के जीर्णोद्धार, आवश्यक मरम्मती और सुधार से संबंधित प्रस्तावित कार्यों की वास्तविक स्थिति देखी. इसके साथ ही क्षेत्र में जनसुविधा बढ़ाने के लिए स्वीकृत नए निर्माण कार्यों के प्रस्तावित स्थलों का भी जायजा लिया.
2 से 3 माह में मरम्मत और 5 माह में नए निर्माण पूरे करने के कड़े निर्देश
निरीक्षण के दौरान चयनित विकास योजनाओं के प्रारूप पर संतोष व्यक्त करते हुए डीएम ने कार्य निष्पादन को लेकर सख्त समयसीमा निर्धारित की. उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि:
- भवन मरम्मत, रंग-रोगन और सुदृढ़ीकरण से जुड़े सभी कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आगामी दो से तीन महीने के अंदर हर हाल में पूरा कराया जाए.
- नए निर्माण से संबंधित विकास योजनाओं की निविदा और प्रशासनिक प्रक्रिया तेज कर उन्हें अगले चार से पांच माह के भीतर धरातल पर पूर्ण कराया जाए.
केवल कागजों पर न रहे योजनाएं, जनता को मिले प्रत्यक्ष लाभ
जिलाधिकारी छिरिङ वाई भूटिया ने अधिकारियों को कड़े शब्दों में हिदायत दी कि विकास योजनाओं का चयन केवल कागजी प्रस्तावों तक सीमित नहीं रहना चाहिए. सभी कार्य गुणवत्ता, मानक और समयबद्धता के साथ तय अवधि में जमीन पर दिखने चाहिए ताकि उनका प्रत्यक्ष और दीर्घकालिक लाभ पंचायत के आम नागरिकों को मिल सके. उन्होंने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार के समझौते पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी.
इस मौके पर उप विकास आयुक्त (डीडीसी), समेकित बाल विकास सेवाएं (आईसीडीएस) की जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (डीपीओ), प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी सहित हुलासगंज के सभी प्रखंड स्तरीय तकनीकी पदाधिकारी, स्थानीय त्रिस्तरीय पंचायती राज प्रतिनिधि और ग्रामीण उपस्थित रहे.
