Arwal News: जिला समाहरणालय स्थित कार्यालय प्रकोष्ठ में जिला पदाधिकारी (DM) अमृषा बैंस की अध्यक्षता में बिहार सरकार के महत्वाकांक्षी 'सहयोग पोर्टल' पर प्राप्त ऑनलाइन जनशिकायतों की विशेष सुनवाई आयोजित की गई. इस दौरान डीएम ने पोर्टल के माध्यम से दर्ज कराए गए कुल 12 लंबित आवेदनों की बिंदुवार समीक्षा की और संबंधित विभागीय अधिकारियों से प्रत्येक मामले की वर्तमान व अद्यतन स्थिति की जानकारी ली.
निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध समाधान पर जोर
जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि आम नागरिकों से जुड़े प्रत्येक आवेदन को पूरी संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ लिया जाए. उन्होंने कहा कि मामलों का निष्पादन केवल कागजी खानापूर्ति तक सीमित न रहे, बल्कि उसका निष्पक्ष, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण समाधान धरातल पर दिखना चाहिए. साथ ही कार्रवाई पूरी होने के बाद शिकायतकर्ताओं को भी उनके आवेदन की अद्यतन स्थिति से अनिवार्य रूप से अवगत कराया जाए.
अंतर-विभागीय समन्वय और नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश
समीक्षा के दौरान डीएम ने पाया कि कई मामलों में एक से अधिक विभागों के बीच समन्वय की आवश्यकता होती है. इस पर उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया:
- आपसी समन्वय: जिन शिकायतों के निवारण में अन्य विभागों या अंचल/प्रखंड कार्यालयों की भूमिका है, वहां अधिकारी आपसी समन्वय स्थापित कर त्वरित समाधान निकालें.
- नियमित अनुश्रवण: सभी लंबित मामलों की साप्ताहिक समीक्षा की जाए ताकि कोई भी प्रकरण निर्धारित समय-सीमा से अधिक समय तक लंबित न रहे.
- जवाबदेही तय: जनसुलभ और जवाबदेह प्रशासन के तहत कार्य करते हुए शिकायतों के निवारण में किसी भी स्तर पर अनावश्यक हीलाहवाली न की जाए.
जनता को राहत पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता
जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सहयोग पोर्टल का मुख्य उद्देश्य प्रशासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जनोन्मुखी बनाना है. सुदूर ग्रामीण इलाकों से आने वाले नागरिकों को अपनी समस्याओं के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, इसके लिए पोर्टल पर आने वाले हर मामले की नियमित सुनवाई और कठोर मॉनिटरिंग लगातार जारी रहेगी.
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