प्रखंड कार्यालय सभागार में मंगलवार को प्रखंड बीस सूत्री क्रियान्वयन समिति की बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष संजय विश्वकर्मा ने की. बैठक में घोसी विधायक रितुराज कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी स्वाति कुमारी, विभिन्न विभागों के पदाधिकारी और समिति के सदस्य मौजूद रहे.
विकास योजनाओं की प्रगति की हुई समीक्षा
बैठक में सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई. पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, बिजली, कृषि, मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना और जन वितरण प्रणाली सहित कई योजनाओं के क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा हुई. समिति के सदस्यों ने योजनाओं के संचालन में आ रही समस्याओं को उठाते हुए संबंधित अधिकारियों से शीघ्र समाधान की मांग की.
आंगनबाड़ी केंद्रों के रंग-रोगन पर उठे सवाल
बैठक के दौरान सबसे अधिक सवाल बाल विकास परियोजना पदाधिकारी से पूछे गए. सदस्यों ने पूछा कि 36 आंगनबाड़ी केंद्रों के रंग-रोगन के लिए तीन-तीन हजार रुपये की राशि जारी होने के बावजूद छह महीने बाद भी कार्य पूरा क्यों नहीं हुआ. इस मुद्दे पर अधिकारियों से जवाब मांगा गया और कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए.
स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था पर विधायक ने जताई नाराजगी
घोसी विधायक रितुराज कुमार ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अपेक्षित सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी चंद्रशेखर प्रकाश के प्रति नाराजगी जताई. उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया.
विधायक ने प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया कि पूरे प्रखंड के उन विद्यालयों की सूची उपलब्ध कराई जाए, जहां पेयजल, चहारदीवारी और प्रयोगशाला जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है या जिनके भवन जर्जर अवस्था में हैं.
लंबित कार्य जल्द पूरे करने का भरोसा
बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग की योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी. उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा किया जाएगा.
पारदर्शिता और गुणवत्ता पर रहेगा विशेष जोर
बैठक में निर्णय लिया गया कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जाएगी. साथ ही आम लोगों से प्राप्त शिकायतों का त्वरित निस्तारण करने और योजनाओं की नियमित निगरानी करने पर भी सहमति बनी.
