कलेर : करोड़ों रुपये की लागत से अगानूर में जल विद्युत परियोजना को चालू कराया गया था जो आज विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के चलते अनुपयोगी बना हुआ है. गौरतलब हो कि बीते पिछले साल अर्थात 2007 में कलेर के अगानूर में करोड़ो रुपये की लागत से जल विद्युत परियोजना का निर्माण कराया गया था. जिसका उद्देश्य कलेर के गांवों में बिजली पहुंचाना था. शुरुआती कुछ सालों में यह हाईडल बिजली की आपूर्ति करता रहा जिसका उत्पादित पन बिजली दाउदनगर के तरार में किया जाता था. लेकिन इधर बीते एक वर्षों से अगानूर स्थित पन बिजली परियोजना से बिजली का उत्पादन ठप है.
जब पत्रकारों की टीम हाईइल का दौरा किया तो सुरक्षा प्रहरी को छोड़ कोई नहीं मिला. हाईडल क्यों बंद है इस पर उसमें बताया कि विगत एक वर्षों से मशीन खराब है जिसके चलते बिजली का उत्पादन नहीं हो पा रहा है. सोचने वाली बात यह है कि वर्तमान समय में भी सरकार बिजली में आत्मनिर्भरता के ख्याल से कई तरह के कार्यक्रम कर रहा है वही उत्पादित हो रही पन बिजली में आत्मनिर्भरता के ख्याल से कई तरह के कार्यक्रम कर रहा है वही उत्पादित हो रही पन बिजली परियोजना पर ध्यान नहीं जा रहा है. इसे अधिकारियों की उदासीनता कहे या कार्यों में लापरवाही जिसका खामियाजा भुगत रहे है कलेर वासी. जिसके चलते अंधेरे में रहने को विवश हैं कलेर वासी.
