चौक-चौराहों पर है अवैध कब्जा

परेशान . फुटपाथी दुकानदारों ने बिगाड़ी शहर की सूरत फुटपाथी दुकानदारों और बेतरतीव पार्किंग ने शहर की सूरत बिगाड़ दी है. यहां के अधिकतर चौक-चौराहों पर कब्जा है. जब जिसका जहां मन किया के तर्ज पर अधिकांश वाहन सड़क किनारे खड़े कर दिये जाते हैं. वहीं हर मोड़ पर फल-सब्जी के अस्थायी स्टॉलों की भरमार […]

परेशान . फुटपाथी दुकानदारों ने बिगाड़ी शहर की सूरत

फुटपाथी दुकानदारों और बेतरतीव पार्किंग ने शहर की सूरत बिगाड़ दी है. यहां के अधिकतर चौक-चौराहों पर कब्जा है. जब जिसका जहां मन किया के तर्ज पर अधिकांश वाहन सड़क किनारे खड़े कर दिये जाते हैं. वहीं हर मोड़ पर फल-सब्जी के अस्थायी स्टॉलों की भरमार के चलते ट्रैफिक दिन भर रेंगता रहता है.
सरेराह गाड़ियां खड़ी कर वाहनचालक ऐसे यात्रियों को चढ़ाते व उतारते हैं, जैसे वे हादसे से भी बेपरवाह हों. शहर की ताजा सूरत-ए-हाल की चर्चा करें तो पटना-गया राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ ही मुख्य बाजार से लेकर मल्लहचक समेत तमाम निचली रोड पर अतिक्रमण के कारण बड़ी आबादी को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ती है. इस दौरान कई चौराहों पर सड़क दुर्घटना भी बराबर होती रहती है, लेकिन नियामक इकाई समय रहते कब्जे को हटाने को लेकर लापरवाह बना हुआ है.
इस सड़क पर पैदल चलनेवाले राहगीर भी खुद को महफूज नहीं समझते
जहानाबाद नगर : शहर के बीचों-बीच से गुजरनेवाले एनएच 83 पर अवैध कब्जे ने शहरवासियों का सुख व चैन छीन लिया है. इस सड़क से आते-जाते लोग यहां हादसे की आशंका से ग्रस्त हैं. वर्त्तमान में जहां-तहां भारी पैमाने पर ठेला-रेहड़ी वालों का ठिकाना तो है ही, कायदे-कानून को ताक पर रख कर टेंपो और छोटे-बड़े अन्य वाहनों की पार्किंग से यातायात व्यवस्था पहले के मुकाबले काफी बदतर हो गयी है. इन सड़कों पर पैदल चलनेवाले राहगीर भी खुद को महफूज नहीं महसूस करते.
पटना-गया की ओर से आवाजाही करनेवाले वाहनों के बढ़े हुए दबाव के बीच संकरी होती सड़क प्रशासनिक अमले को मुंह चिढ़ा रही है. हालांकि कुछेक मौकों पर पुलिस-प्रशासन कब्जा हटाने के लिए प्रयासरत होता है, जबकि पीछे से फिर धड़ाधड़ दुकानें लगा दी जाती हैं. शहर के काको मोड़ के आसपास प्रशासन की पहल पर यहां बनायी गयी सब्जी मंडी से इतर ठेला, खोमचा व फुटपाथी दुकानदारों का कब्जा रहता है.
यातायात प्रभावित होने की चिंता किए बगैर फुटपाथी दुकानदार बीच सड़क पर ही अपनी दुकान सजा कर पैसे कमाने की जुगत में जुटे रहते हैं. पीडब्ल्यूडी ऑफिस के नजदीक तो हाल और भी बेहाल है. सड़क पर सब्जी की दुकानें घटना को आमंत्रित करते दिखती हैं. कुछ ऐसा ही हाल काको मोड़, अरवल मोड़, अस्पताल मोड़, बत्तीस भंवरिया का भी बना है.
सवारी गाड़ियों को बीच सड़क पर रोक कर पैसेंजर चढ़ाये-उतारे जाते हैं. वहीं सड़कों पर फल विक्रेता अपनी दुकानें सजा कर ग्राहकों से मोल-भाव करते दिखते हैं. अरवल मोड़ के पास सब्जी व फल विक्रेता सड़क को अपनी गिरफ्त में ले रखे हैं. अवैध पार्किंग का नजारा यहां भी देखने को मिलता है. अतिक्रमणकारियों को आमलोगों की परेशानियों से कोई लेना-देना नहीं है.

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