गंदगी के बीच रहने को विवश हैं महादलित परिवार
जहानाबाद : शहर के दरधा-यमुना संगम तट पर स्थित आस्था का केंद्र माता मांडेश्वरी दरबार के आसपास गंदगी का अंबार लगा है. दरधा-यमुना के तट पर स्थित इस दरबार में प्रतिदिन सैकड़ों भक्त आस्था व निष्ठा के साथ पूजा-अर्चना करने पहुंचते हैं, लेकिन इन भक्तों को गंदगी से दो चार होना पड़ता है. मंदिर परिसर की तो भक्तों द्वारा साफ -सफाई कर दी जाती है, लेकिन परिसर के बाहर दरधा-यमुना का तट कूड़े -कचरों से पटा हुआ है.
हाल यह है कि नदी में पानी बिलकुल ही न के बराबर है. जो पानी है भी वह इतना गंदा है कि उसमें हाथ -पैर धोना भी बीमारी को आमंत्रित करना है. नदी के आस-पास नप के सफाई कर्मियों द्वारा डपिंग जोन बना दिया गया है, जिसका परिणाम यह है कि भक्त नदी के पानी को देखना भी गबारा नहीं करते हैं. संगम तट पर एक ओर माता मांडेश्वरी का दरबार विराजमान है तो दूसरी ओर ठाकुरबाड़ी है. वहीं एक ओर भगवान महावीर का मंदिर है.
इन मंदिरों में प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में भक्त पूजा -अर्चना करने पहुंचते हैं, लेकिन इन भक्तों को अपने घर से ही स्नान कर यहां आना होता है. नदी में पानी की कमी तथा गंदगी का अंबार भक्तों को ऐसा करने को विवश करता है. शहर में स्थित दरधा-यमुना का संगम तट इस कदर लोकप्रिय है कि यहां मकर संक्राति व अन्य प्रमुख अवसरों पर भक्त डूबकी लगाने पहुंचते हैं, लेकिन इन भक्तों का सामना गंदगी से होता है. यही नहीं, माता के दरबार में देश -विदेश से भक्त शादी -विवाह करने पहुंचते हैं. इन परदेसियों को भी गंदगी से परेशानी झेलनी पड़ती है.
सिर्फ छठ के मौके पर ही होती है सफाई : जिला प्रशासन द्वारा संगम तट की साफ -सफाई साल में सिर्फ दो बार ही करायी जाती है. बाकी दिन नप प्रशासन आंखें मुंदे बैठा रहता है. छठ पर्व के मौके पर प्रशासन की नींद टूटती है तथा संगम की साफ -सफाई करायी जाती है. छठ पर्व के दौरान सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा स्वयंसेवी संगठनों द्वारा भी घाट की साफ -सफाई में रुचि दिखायी जाती है. बाकी दिन उसे उसके हाल पर छोड़ दिया जाता है.
गंदगी के बीच रहने को विवश हैं महादलित परिवार : संगम तट के आसपास गंदगी का अंबार लगा हुआ है. इन्हीं गंदगी व कूड़े-कचरों के बीच कई महादलित परिवार रहने को विवश हैं.
हालाकि ये परिवार नदी में घर बना कर रह रहे हैं फिर भी इन्हें कूड़े -कचरों के बीच अपना जीवन बसर करना पड़ रहा है. संगम घाट सरकार की स्वच्छता अभियान को मुंह चिढ़ा रहा है.
