कहीं छूट न जाये लग्न का शुभ मुहूर्त!

जहानाबाद : दूल्हे की दर्जनों गाड़ियां राजाबाजार रेलवे अंडरपास को पार करने के लिए बेताब था. घंटों खड़े रहने के बाद मशक्कत से उन्हें गंतव्य तक जाने का रास्ता मिला. इस दरम्यान शहर के अरवल मोड़ के समीप घंटों जाम का नजारा देखने को मिला. जहां एक तरफ दूल्हे की गाड़ियां फूलों से सजायी जा […]

जहानाबाद : दूल्हे की दर्जनों गाड़ियां राजाबाजार रेलवे अंडरपास को पार करने के लिए बेताब था. घंटों खड़े रहने के बाद मशक्कत से उन्हें गंतव्य तक जाने का रास्ता मिला. इस दरम्यान शहर के अरवल मोड़ के समीप घंटों जाम का नजारा देखने को मिला. जहां एक तरफ दूल्हे की गाड़ियां फूलों से सजायी जा रही थी वहीं दूसरी ओर धूप में सज-धज कर खड़े वाहनों के फूल सूख रहे थे. एसी गाड़ियों से महफूज उन दूल्हों का बुरा हाल था, जो बगैर एसी गाड़ियों में सवार होकर बन ठन के चले थे ब्याह रचाने. वहीं जो एसी में सफर कर रहे थे, उन्हें तो थोड़ी चैन थी, मगर लग्न के शुभ मुहूर्त पर पहुंचने की बेचैनी साफ झलक रही थी.

दूल्हे से इतर बेचारे बरातियों का बुरा हाल था. इन सबों के बीच भी खुद का ख्याल रख कपड़े के क्रीज को ठीक करने में लगे थे. गुरुवार की दोपहर से ही राजाबाजार अंडरपास के समीप वाहन रेंगते नजर आये. पंडित और पुरोहित वैकल्पिक मार्ग को ढूंढ़ने में भी लगे थे. मगर, भीड़ के बीच फंसी उनकी वाहनों का निकलना मुश्किल था. दोनों को बस एक ही भय सता रहा था कि अगर देर से पहुंचे तो लगन का शुभ मुहूर्त कहीं छूट न जाये. खैर! किसी तरह रात होते होते जाम का नजारा खत्म हो गया था. देर से ही सही दूल्हे की गाड़ियां निकल गयी थीं.

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