12 सूत्री मांगों को लेकर मजदूर यूनियन ने निकाली रैली
जहानाबाद,नगर : केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ तथा 12 सूत्री मांगों की उपेक्षा के विरुद्ध निर्माण मजदूर यूनियन द्वारा राष्ट्रव्यापी प्रतिरोध दिवस मनाया गया. इस अवसर पर शिवशंकर प्रसाद के नेतृत्व में रेलवे परिसर से एक प्रतिरोध मार्च निकाला गया, जो शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए अरवल मोड़ पहुंच सभा में तब्दील हो गयी. सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि केंद्र की सरकार मजदूर विरोधी नीतियों पर चल रही है. विगत दो सितंबर को देश के 15 करोड़ मजदूरों एवं कामगारों ने अखिल भारतीय आम हड़ताल को सफल अंजाम दिया था.
इसके बाद भी सरकार ट्रेड यूनियन के नेतृत्वकारी साथियों से बात करने से मुकर रही है. केंद्र एवं राज्य की सरकार कॉपोरेट घरानों एवं पूंजीपतियों को श्रम कानूनों को लागू करने में छूट देने की दिशा में आगे बढ़ रही है. स्टार्ट अप इंडिया जैसी भाषा बोल कर मजदूरों के लिए 1996 में बने कानूनों की अनदेखी की जा रही है.
बड़े -बड़े पूंजीपतियों तथा ठेकेदारों से एक दो प्रतिशत शेष वसूली करना है लेकिन वसूली नहीं की जा रही है. वक्ताओं ने मजदूरों को न्यूनतम मजदूरी 18 हजार रुपया प्रतिमाह तथा तीन हजार रुपया वृद्धावस्था पेंशन लागू करने, 45 दिनों के अंदर यूनियन का रजिस्ट्रेशन करने सहित 12 सूत्री मांगें सरकार से की. सभा को चंद्रमणी प्रसाद, अनिल कुमार, अकबर इमाम आदि ने संबोधित किया .
